उत्तर प्रदेश में बनेगा ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड, समाज कल्याण विभाग ने शुरू की तैयारियां

अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज सिंह (Manoj Singh) ने कहा कि बोर्ड की स्थापना करने के पीछे का उद्देश्य किन्नर समुदाय (Transgender Community) के लोगों को सशक्त बनाना और मुख्य धारा से जोड़ना है.
Transgender Welfare Community, उत्तर प्रदेश में बनेगा ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड, समाज कल्याण विभाग ने शुरू की तैयारियां

उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग ने राज्य में किन्नर समुदाय (Transgender Community) के सशक्तिकरण के लिए एक बोर्ड के गठन का प्रस्ताव पारित किया है. इस संबंध में एक प्रस्ताव समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री को दी गई. उन्होंने इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को भेजने का निर्देश दिया है. अधिकारियों ने कहा कि प्रस्ताव के अनुसार उत्तर प्रदेश किन्नर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष किन्नर समुदाय से होंगे, जिन्हें मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्त किया जाएगा. वहीं बोर्ड के अध्यक्ष समाज कल्याण मंत्री होंगे.

अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज सिंह (Manoj Singh) ने कहा, बोर्ड की स्थापना करने के पीछे का उद्देश्य किन्नर समुदाय के लोगों को सशक्त बनाना और मुख्य धारा से जोड़ना है. बोर्ड के तीन मुख्य काम होंगे जिसमें किन्नर समुदाय के लोगों को पहचान पत्र प्रदान करना होगा. इसके साथ यह सुनिश्चित करना कि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, अच्छी शिक्षा, नौकरी और सामजिक सुरक्षा मिले.

 बोर्ड में एसीएस रैंक के 8 अधिकारी होंगे शामिल

सिंह ने आगे कहा, उत्तर प्रदेश कल्याण बोर्ड में आठ सदस्य होंगे. सभी अन्य विभागों के एसीएस रैंक के अधिकारी शामिल होंगे. बोर्ड के संयोजक समाज कल्याण विभाग के निदेशक होंगे.

उन्होंने कहा कि बोर्ड के अलावा सभी जिला मेजिस्ट्रेट के नेतृत्व वाले सभी जिलों में किन्नर समुदाय के लिए विशेष समितियों (Community) का गठन किया जाएगा. 2011 के जनगणना (Census) के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में 1.37 लाख किन्नर हैं.

समाज कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि मंत्री को दिए गए प्रस्ताव में बताया गया कि समाज में किन्नरों के साथ भेदभाव होता है, उनके मानवाधिकारों का पुलिस थानों में उल्लंघन होता है, जिसके कारण वह डर में रहते हैं. इसी के साथ कुछ लोग इस तथ्य को भी छिपाते हैं कि वे किन्नर हैं. कई बार वे मानसिक तौर पर प्रताड़ित होते हैं, जिसकी वजह से कभी- कभी आत्महत्या (Suicide) तक कर लेते है.

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