बिना वारंट गिरफ्तार या तलाशी की ताकत…जानिए, यूपी की नई स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स के बारे में सबकुछ

एयरपोर्ट, मेट्रो, कोर्ट समेत तमाम महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा में तैनात होने वाली यूपी एसएसएफ (Uttar Pradesh Special Security Force) को वह सारे अधिकार होंगे जो सीआईएसफ को मिले हैं. यूपी एसएसएफ एफआईआर भी दर्ज करेगी, तलाशी भी लेगी और गिरफ्तार भी करेगी.

  • उमेश पाठक
  • Publish Date - 3:18 pm, Mon, 14 September 20
Uttar Pradesh Special Security Force

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में विशेष सुरक्षा बल के गठन को लेकर अध्यादेश जारी कर दिया गया है. इसके बाद अब इसकी नियमावली बनाने की कार्यवाही भी तेज हो गई. एयरपोर्ट, मेट्रो, कोर्ट समेत तमाम महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा में तैनात होने वाली यूपी एसएसएफ को वह सारे अधिकार होंगे जो सीआईएसफ को मिले हैं. यूपी एसएसएफ एफआईआर भी दर्ज करेगी, तलाशी भी लेगी और गिरफ्तार भी करेगी.

अदालतों की सुरक्षा को लेकर विशेष बल गठन करने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (UP SSF) के गठन का खाका खींचा जा रहा है. यूपीएसएसएफ में 9919 जवान होंगे, जिसकी पांच बटालियन होंगी. लखनऊ में मुख्यालय होगा. डीजीपी के अधीन एडीजी स्तर का अधिकारी यूपी एसएसएफ का चीफ होगा.

प्रदेश में यूपी एसएसएफ की 5 बटालियन गठित होंगी लेकिन इसकी शुरुआत पीएसी के जवानों से की जाएगी. आने वाले वक्त में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड इस स्पेशल फोर्स के लिए भी भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा. 1 साल में यूपी एसएसएफ पर 1747 करोड़ का खर्च आएगा.

यूपी एसएसएफ के पास होंगे ये अधिकार

अधिकारों की बात करें तो सीआईएसएफ की तर्ज पर यूपी एसएसएफ को भी तलाशी लेने, गिरफ्तार करने, हिरासत में लेकर पूछताछ करने के अधिकार होंगे. इतना ही नहीं आने वाले वक्त में यूपीएसएसएफ को थाने का पावर दिया जाएगा जिससे वह कानूनी प्रक्रिया का भी पालन भी करें.

निजी प्रतिष्ठान, व्यक्ति भी ले सकेंगे सुविधा

उत्तर प्रदेश गृह विभाग का मानना है कोर्ट, एयरपोर्ट और मेट्रो के साथ-साथ महत्वपूर्ण स्थानों और महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा का जिम्मा यह विशेष बल उठाएगा. इसके साथ ही अगर निजी प्रतिष्ठान और व्यक्ति भी इसके जवानों को तैनात करना चाहेंगे तो उनका भुगतान कर स्पेशल फोर्स के जवान अपनी सेवा देंगे.

बिना वारंट गिरफ्तार करने की शक्ति

बल का कोई भी सदस्य बिना किसी वारंट और मजिस्ट्रेट की अनुमति के किसी भी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है जो उसके ख़िलाफ़ खुद से बल प्रयोग करता है या कर सकता है, हमला करता है या कर सकता है. काम में अवरोध करता है या कर सकता है.

बिना वारंट के तलाशी लेने का अधिकार

अगर बल के सदस्य को लगता है की कोई अपराध घटित किया गया या होने वाला है, अपराधी के फरार होने या साक्ष्य मिटाने का प्रयास कर सकता है तो ऐसी स्थिति में बिना वारंट के तलाशी भी ली जा सकेगी.