विश्व नदी दिवस- यमुना की दुर्दशा से दुखी हैं ग्रीन वॉरियर्स

वैदिक सूत्रम के चेयरमैन ने कहा कि अधिकतर नदियों (Rivers) को जलवायु बदलाव, औद्योगिक प्रदूषण (Industrial Pollution), शहरीकरण और जनसंख्या विस्फोट से जुड़े दबावों का सामना करना पड़ रहा है. आजादी के बाद भी भारत के पास नदियों के लिए एक स्पष्ट रोड मैप नहीं है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 4:55 pm, Sun, 27 September 20
World River Day

आगरा में रविवार को नदी प्रेमियों और ग्रीन वॉरियर्स ने एत्माद्दौला व्यू पॉइंट पार्क में विश्व नदी दिवस (World River Day) मनाया. इस दौरान यमुना नदी (Yamuna River) के एक हिस्से की सफाई की गई और भारत की प्रमुख नदियों के प्रबंधन के लिए एक केंद्रीय नदी प्राधिकरण (Central River Authority) के गठन की मांग करते हुए रैली निकाली गई.

प्रसिद्ध पर्यावरणविद (Environmentalist) और रिवर कनेक्ट अभियान के सदस्य देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा, “विश्व नदी दिवस जैसा खास दिन नदियों से जुड़े मूल्यों को याद करता है और दुनियाभर की नदियों (Rivers) के मैनेजमेंट के लिए पारंपरिक प्रयासों को प्रोत्साहित करता है.”

उन्होंने कहा कि Covid-19 महामारी की वजह से इस वार्षिक आयोजन में सार्वजनिक तौर पर लोगों को हिस्सा नहीं लेने दिया गया, लेकिन छोटे समूह इन गतिविधियों में शामिल हुए. इस मौके पर वेब-सेमिनारों के जरिए भारत में अधिकतर नदियों की दयनीय दुर्दशा को उजागर किया गया.”

अधिकतर नदियों के लिए क्या हैं समस्याएं

यमुना रैली (Yamuna March) के बाद वैदिक सूत्रम (Vedic Sutram) के चेयरमैन प्रमोद गौतम ने कहा, “अधिकतर नदियों को जलवायु बदलाव, औद्योगिक प्रदूषण, शहरीकरण और जनसंख्या विस्फोट से जुड़े दबावों का सामना करना पड़ रहा है. आजादी के सात दशक बाद भी भारत के पास नदियों के लिए एक स्पष्ट रोड मैप नहीं है.”

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लोगों को समझाना होगा नदियों का महत्व

विश्व नदी दिवस की संस्थापक मार्क एंजेलो (Mark Angelo) ने नदी कार्यकर्ताओं के लिए अपने संदेश में कहा, “कोरोनावायरस (Coronavirus) के खिलाफ लड़ाई में साफ पानी का बहुत महत्व है. इसीलिए दुनियाभर के लाखों-करोड़ों लोगों के सामने यह मौका है कि वे साथ आकर लोगों को इन नदियों का महत्व समझाएं. नदियां सभी के जीवन का जरूरी भाग हैं.”

ताजमहल को बचाया जाना चाहिए प्रदूषण से

आगरा (Agra) में रोज होने वाली यमुना आरती के महंत पंडित जुगल किशोर श्रोत्रिय ने एक बार फिर दिल्ली-आगरा के बीच नौका सेवा शुरू करने को लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) के वादे की याद दिलाई. ब्रज मंडल हेरिटेज कंजर्वेशन सोसाइटी के उपाध्यक्ष श्रवण कुमार सिंह ने कहा कि ताजमहल (Taj Mahal) के पीछे यमुना के ऊपर एक आड़ बनाने की तुरंत जरूरत है ताकि इस शानदार मुगल स्मारक (Mughal monument) को वायु और जल प्रदूषण से नुकसान न हो.

नदियों को बचाने पर देना होगा ज्यादा ध्यान

आगरा होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि योगी सरकार (Yogi government) को ग्रेटर नोएडा में फिल्म सिटी प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देने की बजाय उत्तर प्रदेश की नदियों को बचाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. कार्यकर्ता राहुल राज ने कहा, “जिला प्रशासन ने आगरा को ODF (खुले में शौच से मुक्त) घोषित किया था, लेकिन सुबह नदी किनारे इसकी वास्तविकता देखी जा सकती है.”

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