गोंडा: जमीन हड़पने के लिए पुजारी ने खुद पर कराया हमला, 7 आरोपी गिरफ्तार

पुजारी (Priest) पर हुए हमले को लेकर विपक्ष (Opposition) सीएम योगी आदित्यनाथ पर पूरी तरह से हमलावर था, लेकिन अब इस मामले में सच्चाई सामने आ गई है.

  • IANS
  • Publish Date - 2:06 pm, Sun, 18 October 20
प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश (UP)  के गोंडा में पुजारी सम्राट द्वारा जमीन हड़पने और खुद पर हमला (Attack) करवाने का खुलासा होने के बाद पुलिस (Police)mने सात लोगों को गिरफ्तार (Arrest) किया है. दरअसल पुजारी सम्राट दास ने 10 अक्टूबर को खुद पर हमला (Attack) कराया था, क्यों कि वह अमर सिंह नाम के व्यक्ति को इस मामले में फंसाना चाहता था, और उसकी 120 बीघा जमीन (Land) हड़पना चाहता था

यह खुलासा होने के बाद कि, गोंडा (Gonda) में पुजारी सम्राट दास ने 10 अक्टूबर को खुद पर हमला करवाया था, क्योंकि वह अमर सिंह को झूठे मामले में फंसाना चाहता था और उसकी 120 बीघा जमीन (Land) हड़पना चाहता था, गोंडा पुलिस ने  7 आरोपियों (Accused) को गिरफ्तार किया है.

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आरोपियों के पास से देसी तमंचा जब्त

पुजारी पर हुए हमले को लेकर विपक्ष सीएम योगी आदित्यनाथ पर पूरी तरह से हमलावर था, लेकिन अब इस मामले में सच्चाई सामने आ चुकी है.  गोंडा पुलिस ने इस मामले में शनिवार को तिरेमनोरमा गांव के हरिद्वार सिंह बाग से मुन्ना सिंह, विपिन, नीरज सिंह, सोनू सिंह, महंत सीताराम, शिव शंकर सिंह और विनय कुमार को गिरफ्तार कर लिया. वहीं सोनू सिंह, महंत सीताराम, और मुन्ना सिंह के पास से देसी तमंचा जब्त किया गया है.

आरोपी मुन्ना सिंह ने कथित तौर पर पुजारी पर गोली चलाई थी, जिसके बाद पुजारी ने दावा किया कि अमर सिंह ने मुकेश सिंह, भयहरण सिंह और दरोगा सिंह के साथ मिलकर उस पर तब हमला किया था, जब वह 10-11 अक्टूबर की रात को मंदिर में सो रहा था.

अस्पताल से छुट्टी के बाद होगी पुजारी की गिरफ्तारी

गोंडा के एसपी शैलेष पांडेय ने कहा कि खुद पर कराए गए हमले में पुजारी सम्राट दास को कंधे पर गोली लगी है, उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. अस्पताल से छुट्टी मिलते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

वहीं गोंडा एसपी ने कहा कि पुजारी और अमर सिंह के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके बाद पुजारी ने उसे फंसाने की योजना बनाई थी. वहीं आरोपी विनय कुमार अमर सिंह के खिलाफ आगामी पंचायत चुनाव लड़ने की योजना भी बना रहा था.

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पुलिस ने पुजारी के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी, और उसी दिन दरोगा और भयहरण को गिरफ्तार किया था, लेकिन अब मामला साफ होने के बाद दोनों को रिहा कर दिया जाएगा.