करोड़ या कुछ हजार श्रद्धालु, कोरोना के बीच हरिद्वार कुंभ में कितनों को मिलेगी इजाजत?

उत्तराखंड में 11 साल में एक बार लगनेवाले कुंभ मेले (Kumbh Mela 2021) की तैयारियां जारी हैं. लेकिन इस बीच इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि कोरोना काल के इस कुंभ में कितने लोगों को इजाजत होगी.

Kumbh Mela
हरिद्वार में लगना है कुंभ मेला (सांकेतिक फोटो)

कोरोनावायरस महामारी के अभी जल्दी में खत्म होने के कोई चांस नहीं दिख रहे. इस बीच 11 साल में एक बार लगनेवाले कुंभ मेले (Kumbh Mela 2021) की तैयारियां उत्तराखंड में जारी हैं. हरिद्वार में लगनेवाले कुंभ के लिए फिलहाल 51 प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है लेकिन इस बीच इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि कोरोना काल के इस कुंभ में कितने लोगों को इजाजत होगी.

बता दें कि अगले साल यानी 2021 में हरिद्वार में कुंभ मेला (Kumbh Mela 2021) लगना है. 11 साल बाद होनेवाला यह मेला 12 मार्च को शाही स्नान से शुरू होना है. वैसे तो इस मेले में पहुंचनेवाले लोगों की कोई सीमा नहीं होती लेकिन कोरोना काल में ऐसा नहीं हो पाएगा. मेले में कितने लोगों को आने दिया जाएगा फिलहाल प्रशासन इसपर विचार कर रहा है.

पिछले कुंभ में आए थे 1 करोड़ 50 लाख से ज्यादा लोग

बता दें कि आखिरी कुंभ 14 अप्रैल 2010 में लगा था. तब शाही स्नान के वक्त 1.5 करोड़ लोग वहां कुंभ में मौजूद थे. लेकिन इसबार ऐसा होना मुश्किल है. उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पहले ही इसके संकेत दिए हैं कि जुटनेवाले लोगों की संख्या पर पाबंदी हो सकती है. इसबार पास आदि से मेले में जाने की व्यवस्था हो सकती है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जा सके.

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चार धाम यात्रा पर था पाबंदी का असर

इससे पहले चार धाम यात्रा पर भी पाबंदियों का असर देखा गया था. जहां हर बार इसमें 9 लाख के करीब श्रद्धालु होते हैं, इसबार यह संख्या हजार तक भी नहीं थी. ऐसा ही कुंभ के दौरान भी देखने को मिलेगा.

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इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, कोरोना लॉकडाउन में यहां भी काम रुका था लेकिन पहले अनलॉक के बाद फिर शुरू हो गया. वहां करीब 51 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है. इनके लिए 320 करोड़ रुपये अलॉट हुए हैं और 15 दिसंबर तक की डेडलाइन दी गई है. फिलहाल 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.

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