उत्तराखंड सरकार ने भी घटाया ट्रैफिक चालान, आधा हुआ जुर्माना

उत्तराखंड सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट में आंशिक संशोधन किया है. कुछ नियमों की जुर्माना राशि में करीब 50 फीसदी तक की कटौती की है.

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  • Publish Date - 4:04 am, Thu, 12 September 19

देहरादून: एक सितंबर से देशभर में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू हो गया है. इसके तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर लगने वाले जुर्मानों में भारी बदलाव किेए गए हैं. हालांकि इसे लेकर कुछ राज्य अलग-अलग स्कीम अपना रहे हैं.

गुजरात सरकार ने मंगलवार को कई जुर्माने घटा दिए तो वहीं अब उत्तराखंड सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट में आंशिक संशोधन किया है. राज्य सरकार ने केंद्र के नए मोटर व्हीकल एक्ट के कुछ नियमों की जुर्माना राशि में करीब 50 फीसदी तक की कटौती की है. वहीं कुछ नियमों में जुर्माना राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

इनमें 50 प्रतिशत की कमी

उत्तराखंड में नए नियम कुछ संशोधन के साथ लागू किए जाएंगे. धारा 177 के मुताबिक भारत सरकार के नए कानूनों के प्रावधानों के मुताबिक ही राज्य सरकार जुर्माना वसूलेगी. उत्तराखंड सरकार ने नए नियमों में बदलाव करते हुए बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर छूट देते हुए इस राशि को 2500 कर दिया है.

केंद्र सरकार ने बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर 500 रुपये पड़ने वाले फाइन को बढ़ाकर 5,000 कर दिया था. इसके अलावा लाइसेंस निरस्त करने के बाद भी वाहन चलाते हुए पाए जाने पर प्रदेश में 10,000 की जगह 5,000 रुपये का ही चालान काटा जाएगा.

‘जिंदगी बचाने के लिए नए नियम लागू’

वहीं केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि, लोगों की जिंदगी बचाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं. जुर्माने से मिली रकम राज्य सरकारों की ही मिलेगी. राज्य सरकार जुर्माना घटाने का फैसला कर सकती है और यह उनपर निर्भर करता है.

उन्होंने कहा, ‘केंद्र का मकसद सड़क परिवहन को सुरक्षित बनाना है. अगर लोग नियमों का पालन करेंगे तो उन्हें जुर्माना भरने की जरूरत नहीं है. भारी-भरकम जुर्माने का मकसद जनहानि कम करना था.’

रोड हादसों के मामले में रिकॉर्ड खराब

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि जुर्माना बढ़ाने का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हम लोगों से कोई जुर्माना नहीं वसूलना चाहते हैं, सड़क सफर को सुरक्षित बनाना चाहते हैं. रोड हादसों के मामले में भारत का रिकॉर्ड विश्व में काफी खराब है. अगर लोग परिवहन नियमों का पालन करेंगे तो उन्हें कोई जुर्माना देने की जरूरत नहीं है.’

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री ने लिखा पत्र

वहीं महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने भी नए मोटर व्हीकल एक्ट को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अपील की है कि, नए नियम में जुर्माना काफी ज्यादा है, नई जुर्माना राशि पर पुनर्विचार किया जाए.