कोरोना के हालात पर पीएम मोदी ने की बैठक, सीएम उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री को दिए ये सुझाव

सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री को एक बार फिर अपने स्तर से देश के लोगों को संबोधित करना चाहिए और भविष्य में कोरोना का मुकाबला करने के तरीके पर मार्गदर्शन करना चाहिए.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 1:17 am, Thu, 24 September 20

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना की मौजूदा स्थिति जानने के लिए 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बुधवार को बैठक की. इस बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी शामिल थे उद्धव ठाकरे ने राज्य में कोरोना की स्थिति और तैयारियों के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया.

सीएम उद्धव ठाकरे ने “माय फैमिली, माई रिस्पॉन्सिबिलिटी” अभियान का जिक्र आज की बैठक में किया. उद्धव ठाकरे ने बताया कि इस अभियान के जरिए कोविड की लड़ाई को और अधिक आक्रामक तरीके से लड़ा जाएगा. सीएम उद्धव ठाकरे के मुताबिक आने वाले समय में मृत्यु दर और कोविड फैलने के दर में इससे कमी दिखेगी.

सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री को एक बार फिर अपने स्तर से देश के लोगों को संबोधित करना चाहिए और भविष्य में कोरोना का मुकाबला करने के तरीके पर मार्गदर्शन करना चाहिए. त्योहार और उत्सव आ रहे हैं और हमारे सामने चुनौती है कि कोरोना को बढ़ने से रोका जाए.

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कुछ महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी. सीएम ने बताया कि कोरोना जांच के लिए किसी भी व्यक्ति का 2 सैंपल लिया जाता है. यदि रैपिड एंटीजेन टेस्ट नेगेटिव है, तो दूसरा सैंपल आरटीपीआरसी परीक्षण के लिए भेजी जाती है. उद्धव ठाकरे के मुताबिक राज्य में प्रति दिन टेस्टिंग की संख्या बढ़ाकर 1.5 लाख किए जाने की कोशिश की जा रही है.

‘हम अथक संघर्ष कर रहे हैं और हारेंगे नहीं’

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि टेलीआईसीयू प्रणाली को प्रयोगात्मक आधार पर राज्य में पेश किया गया है और निकट भविष्य में इसकी उपयोगिता को देखते हुए, हमने पूरे राज्यों में इस प्रणाली को स्थापित करने और उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों के मार्गदर्शन की मांग करने का फैसला किया है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में.

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वास व्यक्त करते हुए कि राज्य में विभिन्न स्थानों पर जंबो सुविधाएं, परीक्षण सुविधाएं, प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, हम अथक संघर्ष कर रहे हैं और हारेंगे नहीं.

‘परीक्षण प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए’

मुख्यमंत्री ने राज्य मे ऑक्सीजन की कमी की संभावना देखते हुए चिकित्सा ऑक्सीजन की लागत के मुद्दे को संबोधित करने के साथ-साथ वितरण को नियंत्रित करने की आवश्यकता का जिक्र किया.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि परीक्षण प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए ताकि टीके के उत्पादन में तेजी लाई जा सके साथ ही टीके के वितरण के लिए उचित योजना बनाई जा सके.