पुराना रिकॉर्ड तोड़ 21 साल की उम्र में सबसे युवा जज बनेंगे मयंक प्रताप सिंह

मयंक रोजाना पढ़ाई में 11-12 घंटे का समय देते थे. टॉपर मयंक को किताबें पढ़ना बहुत पसंद है. वो नॉबेल वगैरह में रूचि रखते हैं. इसके साथ ही उन्हें सोशल वर्क करना पसंद है.

राजस्थान के 21 वर्षीय मयंक प्रताप सिंह जज बनने जा रहे हैं. उन्होंने राजस्थान न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षा (RJS)-2018 में टॉप कर 23 साल की उम्र में सबसे युवा जज होने का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मयंक ने इसी साल राजस्थान यूनिवर्सिटी से BA LLB किया है.

मयंक इसे लेकर काफी खुश हैं, उनका कहना है उन्होंने बस इतना ही सोचा था उनका सलेक्शन हो जाएगा लेकिन नतीजा इतना अच्छा आएगा इसकी उम्मीद उन्हें नहीं थी. मयंक कहते हैं कि, रिजल्ट आने के बाद से घर में हंसी-खुशी का माहौल है.

जाहिर है कि इसी साल RJS में कैंडिडेट की न्यूनतम उम्र को 23 से घटाकर 21 साल कर दिया गया था.

इस बड़ी सफलता को लेकर मयंक का कहना है कि इस दौरान उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इस दौरान वो कॉलेज के फाइनल इयर में थे जिसकी वजह से पढ़ाई में ज्यादा ध्यान देना पड़ता था. मयंक रोजाना पढ़ाई में 11-12 घंटे का समय देते थे. उन्होंने अपना टारगेट फिक्स किया था कि एग्जाम शुरू होने से पहले सिलेबस खत्म कर लिया जाए ताकि एग्जाम में अच्छा नतीजा आ सके.

मयंक ने कहा कि, मैं जब 12वीं कक्षा में था तब से ही ज्यूडिशरी में काफी इंट्रेस्टेड था. चूंकि कोर्ट में बहुत ज्यादा पेंडिंग मामले होते हैं इसलिए मैं अपना योगदान देकर लोगों को न्याय दिलाना चाहता था. यही मेरे लिए प्रेरणा बना.

टॉपर मयंक को किताबें पढ़ना बहुत पसंद है. वो नॉबेल वगैरह में रूचि रखते हैं. इसके साथ ही उन्हें सोशल वर्क करना पसंद है. उन्होंने बताया कि वो फ्री टाइम में महिलाएं और बच्चे के लिए कुछ करने की कोशिश में रहते हैं.