पिता की मौत के बाद पूरा घर संभाला, मिसाल है जम्‍मू की इस बेटी के डीएसपी बनने की कहानी

प्रियंका ने साल 2013-14 में केएएस की परीक्षा दी थी. इसमें सफल होने के बाद उन्हें साल 2016 में बतौर अधिकारी नियुक्त किया गया.

पिता का साया जब बेटी के सिर से उठ जाता है तो वह बुरी तरह से टूट जाती है. ऐसे में जब पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसपर आ जाए, तो उसका हौंसला टूटने लगता है, पर प्रियंका ने अपनी हिम्मत को टूटने नहीं दिया और कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसके बाद उन्हें हर किसी की सराहना मिल रही है.

प्रियंका की कठुआ में डीएसपी पद पर नियुक्ति हुई है. प्रियंका के पिता का सपना था कि उनकी बेटी पुलिस अफसर बने. बेटी को पुलिस की पोशाक में देखने से पहले ही वे चल बसे. साल 2012 में प्रियंका के पिता अंचल कुमार का अचानक देहांत हो गया था. पिता के जाने के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी प्रियंका के कंधों पर आ गई.

मां, बूढ़ी दादी और छोटे भाई की जिम्मेदारी उठाने के साथ-साथ प्रियंका ने कश्मीर पुलिस सेवा की परीक्षा दी और आज उसका परिणाम उन्हें डीएसपी पद के रूप में मिला है.

प्रियंका ने साल 2013-14 में केएएस की परीक्षा दी थी. इसमें सफल होने के बाद उन्हें साल 2016 में बतौर अधिकारी नियुक्त किया गया. दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, प्रियंका के पिता की जब मृत्यु हुई तब उन्होंने आईटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी. प्रियंका के पिता का ट्रांसपोर्ट का बिजनेस था और उनकी मौत के बाद उसे देखने वाला कोई नहीं था, सिवाए प्रियंका के.

पिता की मौत के बाद प्रियंका को समाज के लोगों की साजिशों का भी शिकार होना पड़ा. वे लोग उनकी संपत्ति को हथियाने की कोशिश में लगे थे. प्रियंका को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि ऐसे में वह कैसे सब चीजों को संभालें. किसी तरह प्रियंका इस मसले से बाहर निकलीं.

इसके बाद उन्होंने ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया और जैसे-तैसे घर का पालन-पोषण किया. अपनी मेहनत और लगन से आज प्रियंका उस पद पर हैं जिस पर पहुंचने का सपना उनके लिए कभी उनके पिता ने देखा था.

 

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