ब्रेन ट्यूमर के लास्‍ट स्‍टेज पर है ये लड़की, दो साल में लगा डाले 30 हजार पेड़

सुरुचि का कहना है, "मैं भले ही इस दुनिया को बहुत जल्द अलविदा कह दूं, लेकिन ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाकर लोगों के सांसों में जीवित रहूंगी."

ब्रेन ट्यमूर के आखिरी स्‍टेज पर पहुंच चुकी 27 साल की सुरुचि वडालिया दुनिया के लिए एक मिसाल हैं. सूरत की इस लड़की ने पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए दो साल में 30,000 पेड़ लगाए हैं. उनका मानना है कि प्रदूषित वातावरण कई जानलेवा बीमारियों की जड़ है.

जिंदगी के आखिरी मुहाने पर खड़ी सुरुचि का कहना है, “मैं भले ही इस दुनिया को बहुत जल्द अलविदा कह दूं, लेकिन ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाकर लोगों के सांसों में जीवित रहूंगी. उन्होंने ये भी कहा कि मेरे पास जिंदगी जीने और अपने सपने पूरा करने का समय नही है. मैं नहीं चाहती कि किसी और के साथ ऐसा हो, किसी और के सपने अधूरे रह जाएं. इसलिए मैं मरते दम तक ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाना चाहती हूं. कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचने और स्वच्छ पर्यावरण के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की जरूरत है.”

सुरुचि को कुछ महीने पहले ही पता चला कि उन्हें आखिरी स्टेज का ब्रेन ट्यूमर है. उन्होने महसूस किया कि वायु प्रदूषण की वजह से उन्हें कैंसर हुआ है. अगर ज्यादा पेड़ पौधे लगाए जाएं तो बहुत सी जिंदगियों को बचाया जा सकता है. सुरुचि ने तब से ही पर्यावरण को बचाने की मुहिम शुरू कर दी.

पिछले दो सालों में उन्‍होंने 30,000 पेड़ लगाए हैं. इस अवस्था और जिंदगी के इस पड़ाव पर आकर भी उन्होने उद्देश्य नहीं खोया है. उनका कहना है कि जीवित रहते पेड़ लगाने की ये मुहिम जारी रखेंगी.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होने कई गांवों का दौरा किया है. स्कूलों में जाकर बच्चों को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करती हैं. सुरुचि का मानना है कि बच्चों को शिक्षित करना भविष्य को बचाने का सबसे अच्छा तरीका है.

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