CBSE Result 2019: घर-घर दूध बेचकर 12वीं में 89 फीसदी अंक पाने वाली बॉक्सिंग चैंपियन शिवानी बनना चाहती हैं IAS

17 साल की शिवानी शर्मा रोजाना सुबह अपने परिवार के पांच सदस्यों के लिए खाना बनाती है, घर का काम-काज करती है, गायों की देखभाल करती है और फिर दूध बेचने निकल जाती है.

नई दिल्ली: सीबीएसई बारहवीं के रिज़ल्ट आते ही कई बच्चों के ख़्वाबों में पर लग गये तो कइयों की धराशयी हो गई. वहीं हरियाणा के भोंडसी की शिवानी शर्मा जब ह्यूमैनिटीज में 89.3% अंक हासिल कर 12वीं बोर्ड की परीक्षा पास की तो समाज के अन्य लोगों के लिए भी मिसाल बन गई.

शिवानी शर्मा ने सफलता प्राप्त कर अपने लिए तो रास्ते खोले ही समाज के उन बच्चों के लिए भी रास्ते खोल दिए जो किसी न किसी वजह से अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी. शिवानी आगे चलकर IAS ऑफिसर बनना चाहती हैं.

17 साल की शिवानी शर्मा रोजाना सुबह अपने परिवार के पांच सदस्यों के लिए खाना बनाती है, घर का काम-काज करती है, गायों की देखभाल करती है और फिर दूध बेचने निकल जाती है. शिवानी हर रोज़ सुबह 3 बजे से 7 बजे तक यही काम करती हैं. परिवार वालों का कहना है कि शिवानी आठ साल की उम्र से ही पारिवारिक ज़िम्मेदारी संभाल रही है.

हालांकि शिवानी शर्मा की बाधा यही तक सीमित नहीं थी. एक समय ऐसा भी आया जब परिवार वालों ने शिवानी को पढ़ाई छोड़ने का सुझाव दिया था लेकिन शिवानी ने किसी तरह समझा-बूझाकर आगे की पढ़ाई के लिए राज़ी किया. शिवानी के मानें तो हरियाणा के लोग पैसे की वजह से अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए आगे नहीं बढ़ाते. शिवानी ने इसका भी एक हल निकाला. उसने खुद का खर्चा उठाने के लिए एक स्थानीय स्कूल में पार्ट टाइम काम करना शुरू कर दिया.

शिवानी पुराने दिन याद करती हुई कहती हैं, ‘मेरे पिता चाहते थे कि मैं पशुओं की देखभाल करने के लिए स्कूल जाना बंद कर दूं क्योंकि मेरी मां के लिए सारा काम संभालना संभव नहीं हो रहा था. मेरे पिता स्कूल में स्कर्ट पहनने के पक्ष में भी नहीं थे. इसलिए वो मुझे सरकारी स्कूल भेजना चाहते थे जिससे कि मैं सलवार कमीज पहन सकूं. हालांकि मैने इसका एक समाधान निकाला, मैं स्कूल पहुंचने के बाद अपने कपड़े बदल लेती थी.

शिवानी ने सेक्टर 45 में दिल्ली पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की है. उसने लीगल स्टडीज में 96 और इंग्लिश में 92 अंक हासिल किए हैं. शिवानी दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में बैचलर डिग्री हासिल करना चाहती हैं.

वहीं शिवानी की स्कूल प्रिंसिपल अदिति मिश्रा बताती हैं, ‘शिवानी के स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में उनकी प्रतिभा के कारण स्कूल ने उसकी एजुकेशन और ट्रांसपोर्ट को मुफ्त कर दिया.’

उन्होंने आगे बताया, ‘शिवानी ने पिछले साल राज्य में ओपन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था और स्कूल की फुटबॉल टीम का भी हिस्सा थी. वह एक रागिनी सिंगर भी हैं. उनके मुताबिक उसने खुद का खर्चा उठाने के लिए एक स्थानीय स्कूल में पार्ट टाइम काम करना शुरू कर दिया और दिल्ली यूनिवर्सिटी में आवेदन करने की उम्मीद कर रही है.

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