UPSC में 19वां रैंक पाने वाले ITS ऑफिसर की कहानी, 3 बार फेल होकर भी नहीं मानी हार

हरप्रीत यूपीएससी परीक्षा में लगातार तीन बार असफल हुए. वो अपने पहले प्रयास में लिखित परीक्षा भी पास नहीं कर पाए. इसके बाद अगले दो प्रयासों में इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन बात नहीं बनी.

नई दिल्ली: हरप्रीत सिंह की कहानी यूपीएससी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए प्रेरणादायक है. हरप्रीत ने शुक्रवार देर रात जारी यूपीएससी रिजल्ट में पूरे देश में 19वां रैंक हासिल किया है. हरप्रीत की उम्र 27 साल है और वो वाणिज्य मंत्रालय के तहत आईटीएस (भारतीय व्यापार सेवा) अधिकारी हैं. वो लुधियाना के दोराहा शहर के रहने वाले हैं.

हरप्रीत अपने पांचवें प्रयास में 19वां रैंक हासिल करने में सफल हुए हैं. साल 2014 से 2016 के बीच उन्हें लगातार तीन बार असफलता का मुंह देखना पड़ा था. उन्होंने साल 2017 में अपने चौथे प्रयास में 454वां रैंक पाने में कामयाब रहे थे.

DGFT में हैं कार्यरत
हरप्रीत फिलहाल विदेश व्यापार महानिदेशक विभाग (डीजीएफटी) के अंतर्गत सहायक महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो अपनी वर्तमान नौकरी से खुश थे लेकिन उनका सपना एक आईएएस ऑफिसर बनने का ही थी.

लगातार तीन बार हुए फेल
हरप्रीत यूपीएससी परीक्षा में लगातार तीन बार असफल हुए. वो अपने पहले प्रयास में लिखित परीक्षा भी पास नहीं कर पाए. इसके बाद अगले दो प्रयासों में इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन बात नहीं बनी. उन्होंने अपने चौथे प्रयास में 454वां रैंक हासिल किया और आईटीएस ऑफिसर की नौकरी लगी.

हरप्रीत कहते हैं कि वो आईएएस ऑफिसर बनने के लिए काफी उत्साहित थे. उन्होंने इसके लिए लगातार कड़ी मेहनत की और खुद को हमेशा प्रोत्साहित करते रहे.

BSF के लिए कर चुके हैं काम
मालूम हो कि हरप्रीत दो साल तक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के लिए भी काम कर चुके हैं. वो बतौर सहायक कमांडेंट बांग्लादेश बॉर्डर पर तैनात थे.

हरप्रीत के पिता का नाम मालविंदर सिंह है वो एक बिजनेसमैन हैं. उनकी मां गुरप्रीत सिंह दोराहा में एक स्कूल टीचर हैं. हरप्रीत ने पटियाला स्थित थापर इंस्टीट्यूट एंड टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है.

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