पिता ने बाल कटवा ब्‍वॉयज एकेडमी में दिलवाई थी ट्रेनिंग, शैफाली वर्मा यूं बनीं भारत की सबसे युवा T20 प्‍लेयर

हरियाणा के जिस शहर से शैफाली वर्मा आती हैं, वहां की कोई एकेडमी ऐसी नहीं बची थी जिसका दरवाजा उनके पिता ने ना खटखटाया हो.

शैफाली वर्मा. 15 साल की ये क्रिकेटर भारत की सबसे युवा महिला टी20 इंटरनेशनल प्‍लेयर है. 1 अगस्‍त को उन्‍होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया को 51 रन से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. उन्‍होंने अपने दूसरे ही मैच में सिर्फ 33 गेंदों में 46 रनों की पारी खेली. छह-सात साल पहले उन्‍हें क्रिकेट की ट्रेनिंग पाने के लिए लड़के का रूप धरना पड़ा था, वह भी अपने शहर रोहतक में.

हरियाणा के जिस शहर से शैफाली वर्मा आती हैं, वहां की कोई एकेडमी ऐसी नहीं बची थी जिसका दरवाजा उनके पिता संजीव वर्मा ने ना खटखटाया हो. लड़कियों के लिए रोहतक में कोई एकेडमी ही नहीं थी. एक छोटी सी जूलरी शॉप चलाने वाले संजीव को कई लोगों के सामने हाथ तक जोड़ने पड़े.

इसके बाद शैफाली वर्मा को लड़का बनाकर ट्रेनिंग दिलाने की कोशिश की गई. संजीव ने टाइम्‍स ऑफ इंडिया से कहा, “मैंने उसके बाल कटाने का फैसला किया. फिर एक एकेडमी में ले लिया और वहां उसे लड़के के रूप में एनरोल कराया. मैं डरा हुआ था पर किसी ने नोटिस नहीं किया. नौ साल की उम्र में सारे बच्‍चे एक जैसे ही लगते हैं.”

सचिन की बैटिंग ने शैफाली वर्मा में भरा जुनून

लड़कों के साथ खेलते हुए शैफाली कई बार जख्‍मी हुईं मगर हर चोट उनका हौसला बढ़ाती गई. कई बार तो गेंद सीधे हेलमेट पर आकर लगती और घरवाले चिंतित हो जाते.

शैफाली के मन में क्रिकेट के प्रति जुनून 2013 में जागा. तब सचिन तेंदुलकर हरियाणा के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेलने लाहिल आए थे. चौधरी बंसी लाल क्रिकेट स्‍टेडियम के स्‍टैंड्स में नौ साल की शैफाली वर्मा अपने पिता के कंधों पर बैठीं ‘सचिन-सचिन- चिल्‍ला रही थीं.

शैफाली को क्रिकेट की दुनिया में भारत का अगला सुपरस्‍टार कहा जा रहा है. उन्‍होंने घरेलू सीजन में छह शतकों और तीन अर्द्धशतकों समेत 1,923 रन बनाए हैं.

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