HSEB 10th Result: हिसार की ऋषिता बनीं टॉपर, पढ़ें- कैसे बना सभी सब्जेक्ट में 100 फीसदी का रिकॉर्ड

पिछले साल दसवीं की परीक्षा में संयुक्त रूप से पांच छात्रों ने टॉप किया था. पर इस बार हिसार (Hissar) की ऋषिता (Rishita) अकेले ही टॉप रैंक हासिल करने में कामयाब रहीं.
hisar girl rishita topped, HSEB 10th Result: हिसार की ऋषिता बनीं टॉपर, पढ़ें- कैसे बना सभी सब्जेक्ट में 100 फीसदी का रिकॉर्ड

हरियाणा स्कूल एजुकेशन बोर्ड (Haryana School Education Board) ने बिना प्रारंभिक सूचना के शुक्रवार को रात 8 बजे 10वीं कक्षा का रिजल्ट (HSEB 10th Board Result) घोषित कर दिया. इस साल हिसार की रहने वाली ऋषिता  (Rishita) ने इन परीक्षा में बाजी मारी है. ऋषिता ने पूरे प्रदेश में 500 में से 500 अंक प्राप्त कर टॉप किया है. ऋषिता के सभी विषयों यानि साइंस, मैथेमेटिक्स, सोशल साइंस, इंग्लिश और एमएचवी में 100 फीसदी मार्क्स आए हैं.

पिछले साल दसवीं की परीक्षा में संयुक्त रूप से पांच छात्रों ने टॉप किया था. पर इस बार हिसार की ऋषिता अकेले ही टॉप रैंक हासिल करने में कामयाब रहीं. ऋषिता नरनौंद स्थित टैगोर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं. दसवीं में टॉप करने के बाद ऋषिता और उनकी फैमिली काफी खुश हैं.

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ऋषिता ने पूरे नरनौंद का नाम किया रोशन

ऋषिता ने न अपने परिवार को गोर्वांवित किया है बल्कि पूरे नरनौंद का नाम रोशन किया. ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऋषिता के टॉप होने की खबर जैसे ही परिजनों को लगी उन्होंने आस पड़ोस और स्कूल में मिठाई बांटना शुरू कर दिया. ऋषिता कहती हैं कि वो पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर बनेंगी, क्योंकि वे समाज सेवा करना चाहती हैं.

एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, ऋषिता ने बताया कि स्कूल से वापस आने के बाद रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई किया करती थीं. ऋषिता ने कहा कि मैंने कभी भी ट्यूशन क्लासेज नहीं ली हैं. मेरे पैरेंट्स और टीचर का मुझे बहुत सपोर्ट मिला है. परीक्षा के दौरान मैंने किसी भी तरह का स्ट्रेस भी नहीं लिया.

डॉक्टर बन लोगों का जीवन बचाना ऋषिता का सपना

उन्होंने आगे कहा कि मैं अपनी कामयाबी को अपने टीचर्स को डेडिकेट करना चाहती हूं, जिनके बिना मैं यह अचीव नहीं कर पाती. मैंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से दूरी बनाकर रखी थी. ऋषिता के पिता जिंद में हरियाणा सरकार के कोपरेटिव डिपार्टमेंट में असिस्टेंट ऑडिटर हैं जबकि उनकी मां उसी स्कूल में प्राइमरी टीचर हैं, जहां ऋषिता पढ़ती हैं.

ऋषिता ने कहा कि मेरा सपना लोगों का जीवन बचाने का है. कई लोग डॉक्टर्स की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मर रहे हैं और मैं उनकी सेवा करना चाहती हूं. मैं लोगों की जान बचाकर उनके साथ ट्रू कनेक्टिशन बनाना चाहती हूं. मैं छात्रों को बताना चाहती हूं कि सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और परिणाम के बारे में कभी न सोचें. मैंने कभी बोर्ड परीक्षा में हरियाणा के टॉपर बनने का सपना नहीं देखा था. मैंने अपने परीक्षा के दिनों को छोड़कर नियमित रूप से बैडमिंटन खेला था. मेरी मां और पिता मेरे हीरो हैं.

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