LOC पर धमाके में गंवाया पैर, अब पैरालंपिक्स में मेडल के लिए दौड़ेगा सेना का ये सूबेदार

पिस्टोरियस से प्रेरणा पाकर आनंदन ने साल 2012 में प्रोस्थेटिक लेग के जरिए ट्रेनिंग लेना शुरू किया. इस ट्रेनिंग के दौरान आनंदन ने मुंबई मैराथन में 2.5k रन पूरे किए.

जब हमारी जिंदगी में कोई हादसा हो जाता है तो हम उससे बुरी तरह से टूट जाते हैं, लेकिन सुबेदार आनंदन ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपना एक पैर खोने के बाद भी अपनी हिम्मत नहीं हारी और आज वे इस मुकाम पर हैं, कि वे अगले साल पैरालंपिक्स इवेंट में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.

मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटर के पैरा एथलीट सुबेदार आनंदन गुणसेकरन ने टोक्यो पैरालंपिक्स 2020 के लिए क्वालिफाई कर लिया है. इस क्वालिफिकेशन के बाद आनंदन काफी खुश हैं.

LOC पर माइन ब्लास्ट में गंवाया पैर

32 साल के आनंदन तमिलनाडु के कुंबाकोणम से ताल्लुक रखते हैं. साल 2005 में वे भारतीय सेना में शामिल हुए थे. उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में एलओसी पर थी. साल 2008 में एलओसी पर एक माइन ब्लास्ट हुआ और आनंदन ने इस हादसे में अपना लेफ्ट पैर खो दिया.

Anandan Gunasekaran, LOC पर धमाके में गंवाया पैर, अब पैरालंपिक्स में मेडल के लिए दौड़ेगा सेना का ये सूबेदार

साउथ अफ्रीका के इस एथलीट से मिली प्रेरणा

इस हादसे से उभरना आनंदन के लिए काफी मुश्किल था, क्योंकि एक पैर के सहारे वे सेना में एक फौजी के तौर पर वापस नहीं जा सकते थे, जो दुश्मनों के साथ जाकर भिड़ सके, इसका उन्हें काफी दुख था. धीरे-धीरे आनंदन अपनी आशा खो रहे थे, लेकिन तभी उन्हें प्रेरणा मिली साउथ अफ्रीका के एथलीट ऑस्कर पिस्टोरियस से.

पिस्टोरियस से प्रेरणा पाकर आनंदन ने साल 2012 में प्रोस्थेटिक लेग के जरिए ट्रेनिंग लेना शुरू किया. इस ट्रेनिंग के दौरान आनंदन ने मुंबई मैराथन में 2.5k रन पूरे किए. आनंदन सेना की तरफ से ही दौड़ते हैं.

यूं सूबेदार बना एथलीट

साल 2014 में ट्यूनीशिया में आईपीसी एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स इवेंट का आयोजिन हुआ था. इस इवेंट में आनंदन ने 200 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद आनंदन ने साउथ कोरिया में हुए 17वें एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया.

Anandan Gunasekaran, LOC पर धमाके में गंवाया पैर, अब पैरालंपिक्स में मेडल के लिए दौड़ेगा सेना का ये सूबेदार

अगले ही साल 2015 में श्रीलंका आर्मी पैरा गेम्स में आनंदन ने 200 मीटर और 100 मीटर दौड़ में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता. यहां से इस सुबेदार ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और ऐसे भारतीय सेना का ये सुबेदार एक शानदार एथलीट बन गया.

साल 2015 में ही आनंदन ने भारतीय सेना के लिए वर्ल्ड पैरा मिलिट्री गेम्स में मेडल जीता और वे टी-44 कैटेगरी में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पैरा एथलीट बन गए. इस इवेंट में उन्होंने अपना ही एशियन गेम्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. इसके बाद अभी तक हुए कई इवेंट्स में सुबेदार आनंदन ने कई मेडल अपने नाम किए हैं.

आनंदन ने चीन के वुहान में आयोजित किए गए 7वें मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स 2019 की 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर प्रतियोगितायों में कुल तीन गोल्ड मेडल जीते थे. उन्होंने हाल ही में हैंडिसपोर्ट ओपन पेरिस 2019 में 200 मीटर प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था, जिसे उनके पैरालंपिक क्वालिफिकेशन के लिए प्रमुख माना गया.

 

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