रामजल ने जिस JNU में की चौकीदारी, उसी का पास किया इम्तिहान

2014 से JNU में गार्ड की नौकरी करने वालें रामजल अब JNU से बीए ऑनर्स इन रशियन लैंग्वेज में पढ़ाई करेंगे.

नई दिल्ली: कोई सपना जादू से हकीकत नहीं बनता इसमें दृढ़ संकल्प और मेहनत लगती है. इसका उदाहरण पेश किया है रामजल मीणा ने. राजस्थान में करौली के रहने वाले रामजल मीणा जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं और अब रामजल का दाखिला JNU में हो गया है. अब रामजल JNU से बीए ऑनर्स इन रशियन लैंग्वेज में पढ़ाई करेंगे.

पिता मजदूर थे तो पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई

राजस्थान के रामजल मीणा 2014 में JNU में बतौर सिक्यॉरिटी गार्ड तैनात हुए थे. 33 साल के रामजल दिल्ली के मुनिरका में एक कमरे में अपनी पत्नी और तीन बच्चियों के साथ रहते हैं. रामजल के पिता मजदूर थे तो पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई और सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने करौली से दिल्ली चले आए.

 पहले प्रयास में ही JNU का एग्जाम क्रैक 

JNU में वर्ष 2014 से बतौर सुरक्षा गार्ड सेवा दे रहे राजस्थान करौली जिला निवासी 33 वर्षीय रामजल मीणा ने पहले प्रयास में ही JNU की प्रवेश परीक्षा पास की है. उन्होंने बताया कि उन्होंने 2002 में 12वीं की परीक्षा पास की थी.

UPSC की तैयारी भी करना चाहते हैं रामजल

रामजल ने जमकर मेहनत की और JNU का 2019-20 का एंट्रेंस एग्जाम क्रैक कर बीए रशियन लैंग्वेज के स्टूडेंट बन गए. हालांकि, ख्वाब अभी और हैं. वह इस यूनिवर्सिटी से और पढ़कर सिविल्स सर्विसेज का मैदान फतह करने का जज्बा रखते हैं. JNU में पढ़ाई के साथ-साथ रामजल UPSC की तैयारी भी करना चाहते हैं.

यूनिवर्सिटी प्रशासन से मदद की उम्मीद

हालांकि घर चलाने वाले रामजल के सामने सबसे बड़ी समस्या रोज़ी-रोटी की है. और परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है रामजल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करेंगे तो घर का खर्चा कैसे चलेगा. क्योंकि बतौर सिक्योरिटी गार्ड अभी उन्हें 15000 रूपये सैलरी मिलती है और उसी से घर चलता है. ऐसे में रामजल की उम्मीद यूनिवर्सिटी प्रशासन से है उन्हें उम्मीद है कि उनको रात को नौकरी करने को मिलेगी, जिससे वे दिन में पढ़ाई कर सकेंगे.

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