Exclusive: प्रेग्नेंसी में टूटा पैर, बेटे का एक्सीडेंट, ट्रांसफर भी हुआ, पर Lt. Gen माधुरी ने नहीं मानी हार

माधुरी कानितकर (Lt. Madhuri Kanitkar) का मानना है कि काम हिसाब से अपने जेंडर को बांधना नहीं चाहिए और जो मन आए करना चाहिए. जीवन में कठिनाइयां आएंगी उनका सामना करना है.
lieutenant general madhuri kanitkar, Exclusive: प्रेग्नेंसी में टूटा पैर, बेटे का एक्सीडेंट, ट्रांसफर भी हुआ, पर Lt. Gen माधुरी ने नहीं मानी हार

देश की तीसरी महिला लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानितकर (Lt. Madhuri Kanitkar) देश के तमाम लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं. माधुरी कानितकर पहली ऐसी महिला पीडियाट्रिशियन हैं, जिन्हें इस पद तक पहुंचने का गौरव हासिल हुआ है. माधुरी कानितकर के पति राजीव भी लेफ्टिनेंट जनरल हैं.

माधुरी कानितकर का मानना है कि काम हिसाब से अपने जेंडर को बांधना नहीं चाहिए और जो मन आए करना चाहिए. जीवन में कठिनाइयां आएंगी उनका सामना करना है.

माधुरी कानितकर ने कहा, ‘मेरी जिंदगी में कई सारे मौके ऐसे भी आए जब लगा कि अब नहीं हो पाएगा. मैं 7 मंथ प्रेग्नेंट थी, पैर टूटा हुआ था, अकेली पोस्टेड थी, पति साथ में नहीं थे, उसी दौरान बेटे का भी हाथ टूट गया, उसको एडमिट करना पड़ा, इस सब के बाद मुझे टेम्परेरी ड्यूटी में कहीं जाने के लिए कहा गया. मैंने वो सब भी मैनेज किया. अब लगता है मैं कुछ भी कर सकती हूं.’

माधुरी कानितकर को प्रेरणा किससे मिली और वो आम लोगों को किस तरह की प्रेरणा दे रही हैं. जानिए टीवी9 भारतवर्ष की माधुरी के साथ हुई EXCLUSIVE बातचीत के जरिए…

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