एक के ऊपर एक 12 लाशों का लगा था अंबार, पढ़ें जलियांवाला बाग नरसंहार की दिल दहलाने वाली कहानी

कभी-कभी गोलियां चलनी रुकती तो सिर्फ इसलिए क्योंकि सैनिकों को अपनी राइफ़लें फिर से लोड करनी होती थी. डायर ख़ुद दौड़-दौड़ कर गोलियां चलाने का हुक्म दे रहे थे.