ब्रिटिश काल में लिखी गई इस किताब के लिए शशि थरूर को मिला साहित्य अकादमी अवॉर्ड

ये किताब ब्रिटिश काल को लेकर लिखी गई है. 2016 में इस किताब का विमोचन किया गया था. इस किताब के दो वर्जन छापे गए थे. भारत में अलग वर्जन छापा गया और ब्रिटेन में अलग वर्जन छापा गया.