‘ए मुंडा ते बड़ा भागांवाला ए’, जानें- शहीद दिवस पर भगत सिंह की कुछ पर्सनल और स्पेशल बातें

आइए, आज शहीद दिवस पर अपने नायक भगत सिंह के बारे में कुछ पर्सनल और स्पेशल बातें जानते हैं.

भगत सिंह के रोल की प्रेक्टिस करते वक्त फांसी पर झूला बच्चा, मौके पर हुई मौत

पुलिस के मुताबिक बच्चे के पास से एक मोबाइल मिला है जिसमें स्कूल की क्लिपिंग भी थी. हो सकता है कि बच्चा नाटक का रिक्रिएशन कर रहा हो, और जिस पलंग पर वो खड़ा था, वो असंतुलित हुआ, जिससे बच्चे की मौत हो गई.

‘शेरे पंजाब’ लाला लाजपत राय, जिनकी वजह से भगत सिंह ने पहली बार उठाई बंदूक

एक सफल वकील, प्रतिष्ठित आर्यसमाजी, श्रमिकों का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले, पहले स्वदेशी 'पंजाब नेशनल बैंक' की स्थापना करने वाले, हिंदी-उर्दू-पंजाबी का उत्थान करने वाले, ये सारे लाला जी के व्यक्तित्व के कई सारे पहलू हैं.

‘मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में आजाद है’, पढ़ें भगत सिंह के Inspirational Quotes

कुल 23 साल की उम्र में देश के लिए कुर्बान होना बहुत बड़ी बात होती है. अंग्रेजों से भारत को मुक्त कराने के लिए भगत सिंह और उनके साथियों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को गले लगा लिया था.

शहीद-ए-आजम की 112वीं जयंती आज, भगत सिंह की ये बातें युवाओं में भर देती हैं जोश

 प्यार को लेकर भगत सिंह मानते थे, "प्यार हमेशा एक आदमी के चरित्र को ऊंचा करता है. यह उसे कभी कम नहीं करता है, बशर्ते बस प्यार और प्यार हो."

दिल्ली यूनिवर्सिटी में सावरकर की मूर्ति पर संग्राम, NSUI कार्यकर्ताओं ने पोती कालिख

एनएसयूआई ने विरोध में वीर सावरकर की मूर्ति को जूतों की माला पहनाई और मूर्ति के मुंह पर कालिख पोती.

भारत रत्‍न प्रणब मुखर्जी ने जब कहा- राष्‍ट्रपति की बग्‍घी का घोड़ा बनना चाहता हूं, तब बहन ने दिया था आशीर्वाद

भारत रत्न के लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के नाम की जैसे ही घोषणा की गई थी वैसे ही सियासत में चर्चा का विषय बन गया था. प्रणब दा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है. यूपीए-1 में प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला था.

‘दूसरों के कंधों पर सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं…’, पढ़े जोश भरे भगत सिंह के 5 Quotes

देश को आजादी दिलाने के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को गले लगाने वाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की आज पुण्यतिथि है. भगत सिंह और उनके साथियों ने जब मौत को गले लगाया तब उनकी उम्र महज 23 वर्ष थी. भगत सिंह के विचार आज भी लोगों को प्रभावित...

वतन पर मिटने वाले शहीद भगत, सुखदेव और राजगुरु का यही बाकी निशा होगा….

आज भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की 88वीं पुण्यतिथि है. आज का दिन देश में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है.