भोपाल गैस कांड के पीड़ितों को Coronavirus का खतरा ज्यादा, अब तक गई 9 लोगों की जान

भोपाल (Bhopal) में साल 1984 में भयानक गैस कांड हुआ था, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई थी. इसके निशान आज भी मौजूद हैं. जहरीली गैस के असर से लोगों की इम्यूनिटी पॉवर (Immunity Power) काफी कमजोर हो गई थी.

भोपाल गैसकांड: 36 साल बाद भी ताजा हैं जख्म, जेनेटिक डिसऑर्डर से ग्रस्त पीड़ितों की तीसरी पीढ़ी

सामाजिक संगठनों का कहना है कि इसे लेकर बड़े पैमाने पर स्टडी की जरूरत है. लेकिन सरकारें इसे लेकर उदासीन बनी हुई हैं.