भोपाल गैसकांड: 36 साल बाद भी ताजा हैं जख्म, जेनेटिक डिसऑर्डर से ग्रस्त पीड़ितों की तीसरी पीढ़ी

सामाजिक संगठनों का कहना है कि इसे लेकर बड़े पैमाने पर स्टडी की जरूरत है. लेकिन सरकारें इसे लेकर उदासीन बनी हुई हैं.