आचार्य फिरोज खान पर हमला, संस्कृत और संस्कृति दोनों पर चोट

संस्कृत के बहाने निजी खुन्नस निकालने की ऐसी ही कट्टर सोच बनारस में साल 1655 के आसपास दिखी थी. उस दौर में जब औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर को ध्वस्त करने का फरमान सिर्फ इसलिए जारी किया था कि उसका सगा भाई दाराशिकोह वहां संस्कृत पढ़ता था.