अश्वत्थामा मारा गया…! 89 चुनाव के बाद ऐसे तोड़ा गया था ‘अध्यक्ष जी’ का मनोबल

नयी दिल्ली 1989 का एक चर्चित किस्सा है. ‘कौन बनेगा प्रधानमंत्री’ के खेल में शह और मात का किस्सा. कुर्सी के लिए वीपी सिंह और चंद्रशेखर की टकराहटों के नाटकीय अंजाम का किस्सा. मोर्चा सरकार के संभावित मुखिया के तौर पर देवीलाल का नाम उभरने और आखिरी वक्त पासा पलटकर...