प्रधानमंत्री मोदी अब नहीं रहे “चौकीदार,” ट्विटर से भी हटाया

अपने ट्विटर हैंडल से चौकीदार शब्द हटाने के साथ ही पीएम मोदी ने सभी लोगों से इसे हटाने का आग्रह किया है.

प्रज्ञा ठाकुर का ट्विटर वेरिफाइड हुआ, एक कमी रह गई!

प्रज्ञा ठाकुर को टिकट की उतनी खुशी नहीं रही होगी जितनी ट्विटर की है. लेकिन उनके समर्थकों को एक चीज की कमी खलेगी.

मोदी पहले ऐसे पीएम नहीं, राजीव गांधी को भी कहा गया था ‘चोर’

इस लोकसभा चुनाव से 30 साल पहले 1989 में भी आम चुनाव हुए थे. तब सोशल मीडिया नहीं था, फोटोशॉप नहीं था, फ़ेक न्यूज़ नहीं थी लेकिन प्रधानमंत्री को चोर कहने वाला नारा तब भी था.

उदित राज का टिकट कट गया, सबूत है उनका ट्विटर

23 अप्रैल की सुबह होते ही उदित राज ट्वीट करने लगे. धमकी देने लगे कि टिकट नहीं मिला तो पार्टी छोड़ देंगे. सबसे बड़ी बात, नाम के आगे से चौकीदार हटा दिया.

गुमनामी की जिंदगी जी रहे 90s के सुपरस्टार सिंगर को बीजेपी ने दिया रोजगार!

उस जमाने में इनके पैरोडी गानों की धूम थी. बच्चे, बूढ़े और जवान सब इनके फैन थे. फिर वो दौर आया जब उनके बुरे दिन आए. अब एक वीडियो देखकर लग रहा है कि अच्छे दिन भी आ जाएंगे.

पीएम मोदी ने की चौकीदारों से चर्चा, विपक्ष और पाकिस्तान पर जमकर बरसे

पीएम मोदी ने कहा, 'चौकीदार न कोई व्यवस्था है, न कोई यूनिफॉर्म की पहचान है. न कोई चौखट में बंधा है. चौकीदार एक स्प्रिट है, एक भावना है.'

5 महीने से नहीं मिली चौकीदारों की सैलरी, तंगहाली में 10 की मौत, देखें VIDEO

पीएम मोदी से लेकर बीजेपी के तमाम नेताओं ने अपने ट्विटर हैंडल पर नाम के आगे चौकीदार लगा लिया है. लेकिन देश के चौकीदारों का हाल बेहाल है. देखिए टीवी9 भारतवर्ष की खास रिपोर्ट...

‘चौकीदार’ की पुरानी कहानी.. दिन में पुलिस से दोस्ती रात को चोरों से यारी !

चौकीदार शब्द आज भले ही राजनीतिक अखाड़े में हथियार बन गया हो लेकिन उसकी अहमियत, इतिहास और उससे जुड़ी धारणा बता रहे हैं.

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बैंड बजाकर बकरियां चराईं, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नग्न होकर लगाए नारे, देखें वीडियो

सरकार की युवा स्वाभिमान योजना में गाय, बकरी चराने को रोज़गार की श्रेणी में रखे जाने का विरोध करते हुए कार्यकर्ताओं ने बकरियों और बैंडबाजे के साथ कमलनाथ सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया.

मायावती ने क्यों कहा, अब चायवाले को कोई नहीं पूछता?

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में जो 'चायवाला' राजनीति की गलियों में चर्चा का विषय बना हुए था, 2019 आते-आते अचानक चर्चा से गायब हो गया है. बीएसपी प्रमुख मायावती ने चायवाले की अनदेखी पर सवाल खडे़ किए हैं.