पिछले 50 सालों से लगातार जल रहा है ये रेगिस्तान, लोग कहते हैं ‘जहन्नुम का दरवाजा’

ये गड्ढा दशकों से अस्तित्व में है. 1960 के आस-पास यह कोलैप्स हुआ था, और 1980 से लगातार जल रहा है.