डॉक्‍टरों ने मुर्दा घोषित कर दिया था, मां रोई तो जी उठा बेटा

किरण की मां को उसकी स्थिति के बारे में जानकारी नहीं थी, अंतिम संस्कार के लिए फूल, जलाऊ लकड़ी और अन्य सामग्री की व्यवस्था कर रहे रिश्तेदारों को देख हैरान रह गई और रो पड़ी.