बिजली के झटके, जहरीले इंजेक्शन और गोली मारकर…कैदियों को यूं दी जाती है सजा-ए-मौत

अंग्रेजी हुकूमत के दौर से ही भारत में मृत्युदंड की सजा के तौर पर फांसी का चलन है. जल्लाद कैदी को फांसी के फंदे पर लटकाता है जबकि दुनिया के अलग-अलग देशों में मृत्युदंड के तरीके अलग हैं.