आंटी जी, तुम्हारी घटिया सोच के कारण न तो हमारी ड्रेस का साइज़ बदलेगा और न ही हम…

जानती हूं हिंसा किसी मामले का हल नहीं, लेकिन अब लगता है कि ऐसी औरतों को इन्हीं की भाषा में समझाना अब बहुत जरूरी हो गया है.