साढ़े तीन करोड़ तस्‍वीरें ली गईं, तब जाकर हो पाई देश में बाघों की गिनती

1.5 साल में 26,838 जगहों पर कैमरा ट्रैप यूज किया गया. कैप्चर-मार्क-रिकैप्चर मेथड से कुल 3.5 करोड़ तस्वीरों में से 76,651 तस्वीरों में बाघ पाए गए. इसके बाद पैटर्न रिकोग्निशन प्रोग्राम के जरिए बाघों की व्यक्तिगत पहचान की गई.