साढ़े तीन करोड़ तस्‍वीरें ली गईं, तब जाकर हो पाई देश में बाघों की गिनती

1.5 साल में 26,838 जगहों पर कैमरा ट्रैप यूज किया गया. कैप्चर-मार्क-रिकैप्चर मेथड से कुल 3.5 करोड़ तस्वीरों में से 76,651 तस्वीरों में बाघ पाए गए. इसके बाद पैटर्न रिकोग्निशन प्रोग्राम के जरिए बाघों की व्यक्तिगत पहचान की गई.

‘एक था टाइगर से टाइगर जिंदा है तक पहुंचायी यात्रा’ पीएम मोदी ने क्यों कही यह बात?

"कभी ‘एक था टाइगर’ का डर था, लेकिन आज यह यात्रा ‘टाइगर जिंदा है’ तक पहुंच चुकी है."