149 सालों के बाद फ़लक पर दिखा अद्भुत चंद्रग्रहण, तस्वीरों में कीजिए दीदार-ए-चांद

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक के समय को अशुभ मूहुर्त माना जाता है. सूतक ग्रहण समाप्ति के बाद धर्मस्थलों को पवित्र किया जाता है.