उम्रकैद की सजा मामले में अब सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बैंच करेगी सुनवाई

कानून के मौजूदा प्रावधानों के तहत उम्रकैद आखिरी सांस तक हो सकती है और कम से कम 14 साल सजा काटना जरूरी है. इसके बाद ही सरकार किसी कैदी (Prisoner) को जेल में अच्छे बर्ताव के आधार पर रिहा करने का फैसला ले सकती है.