पिता ने घर-घर दूध पहुंचाया-वैन चलाई, खुद अखबार बेचते थे प्रियम गर्ग, यूं बने अंडर-19 टीम के कैप्‍टन

प्रियम गर्ग के पिता घर-घर जाकर दूध बेचा करते थे. रात को सिरहाने 10 रुपये का नोट छोड़ जाते ताकि वो सुबह प्रैक्टिस के लिए मेरठ जा पाए.