घुप्प अंधेरे के बाद भी जब डॉक्टर बेटी नहीं पहुंची तो क्या-क्या झेला मां, पिता-बहन ने? सुनें उन्हीं की जुबानी

पीड़िता के पिता ने कहा, पुलिस और हमने ने अगर वक्त बर्बाद नहीं किया होता तो शायद मेरी बेटी मिल जाती. पुलिस के रेस्पॉन्स से मैं दुखी हूं.