Muharram in Delhi: 700 सालों में पहली बार नहीं निकलेगा ताजियों का जुलूस

भारत में ताजिये (Tazia) के इतिहास के बारे में बताया गया है कि इसकी शुरुआत तैमूर लंग (Timur Lung) के दौर में हुई. तैमूर को खुश करने के लिए देशभर में ताजिये बनने लगे थे. ताजिये की यह परंपरा भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार में भी चली आ रही है.