ऐसे थे डीपी त्रिपाठी! ”बीमारी का पता चला तो दोस्‍तों को पार्टी दी, चलते वक्‍त बोले-कैंसर हो गया है”

वो साल 2016 की सर्दियां थीं. डीपीटी का फोन आया, "हेमंत जी परसों मित्रों के साथ रसरंजन हैं. वीणा को भी लाइएगा. कोई 15-20 मित्र हैं. कुछ मित्र नेपाल और पाकिस्तान से भी आ रहे हैं.''