बुरहान वानी के गांव में नहीं पड़ा एक भी वोट, पुलवामा हमलावर के गांव में सिर्फ 15

साल 2016 में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में वानी के मारे जाने के बाद घाटी में लंबे समय तक अशांति रही थी जिसमें 100 लोगों की जान गई थी.