काश! जिंदा होते रजनीकांत सोमपुरा, जिन्होंने पत्थरों को तराशने में गुजार दी पूरी उम्र

जुलाई में रजनीकांत की मृत्यु हो गई और उनकी सहायता करने वाले मजदूर भी गुजरात वापस चले गए. कारसेवकपुरम में काम करने वाले एक स्थानीय निवासी महेश ने कहा, "रजनीकांत एक कुशल कारीगर थे.