राजीव गांधी के पास देश के लिए नए इरादे थे, 80 के दशक में 21वीं सदी के भारत का सपना देखा था

भारत में टेलीकॉम और कंप्यूटर क्रांति के बीज भी राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) के नेतृत्व में बोए गए. वरना इससे पहले तो टेलीफोन और कंप्यूटर अमीरों के इस्तेमाल की चीज़ें मानी जाती थीं.

‘एक्‍सक्‍यूज मी’ सुनकर पलटी मेनका को दिल दे बैठे थे संजय गांधी, पढ़ें कैसे शुरू हुई दोनों की लव स्‍टोरी

दिल्‍ली में पार्टी चल रही थी. सब अपने में मशगूल थे. मेनका खाना खा रहीं थीं और पीछे से उन्‍हें किसी ने आवाज दी.

संजय गांधी का विदेशी गर्लफ्रेंड से रिश्‍ता टूटा तो क्‍यों खुश हुई थीं इंदिरा? पढ़‍िए दिलचस्‍प किस्‍सा

संजय गांधी अपने मारुति प्रोजेक्ट के सपने को साकार करने में इतने व्यस्त हो गए थे कि उन्हें कुछ याद ही नहीं रहता था. 

नेहरू ने जेल में बुनी थी ये साड़ी, मेनका ने शेयर की फोटो फिर कर दी डिलीट

मेनका गांधी को ट्रडिशनल कपड़े पहनना शुरू से पसंद रहा है और उन्होंने अपनी शादी में यानि 23 सितंबर, 1974 को नेहरू द्वारा बुनी गई इस साड़ी को पहना था.

और इस तरह 44 साल पहले आज ही के दिन लागू कर दी गई थी Emergency

इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी का मानना था कि प्रधानमंत्री के रूप में पार्टी के किसी भी नेता पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि उस स्थिति में इंदिरा की हैसियत पार्टी के अंदर कम होगी.

वाराणसी और अमेठी पर देश की नज़र, दोनों VVIP सीटों का पूरा गणित जानिए

देश की दो सबसे अहम लोकसभा सीटों वाराणसी और अमेठी पर देश की नज़रें हैं. पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गढ़ों का लेते हैं हालचाल.

‘संजयजी क्या आप ही अपनी मां के पेट से पैदा हुए हैं, हम खंभे में से निकले हैं क्या?’

नयी दिल्ली 1979 में जनता पार्टी की टूट के लिए अगर किसी एक आदमी को सबसे अधिक जिम्मेदार माना गया तो वो राजनारायण थे. मोरारजी की कुर्सी चटकाने, सरकार गिराने और चरण सिंह को पीएम बनवाने में राजनारायण की भूमिका सबसे अहम थी. प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के खिलाफ बगावत का...