व्यंग्य: ‘राजनीतिक व्यवसाय’ के देसी घराने…लाभ-हानि के अपने-अपने पैमाने !

भारतीय राजनीति के व्यवसाय में निवेश करते हुए (वोट डालते हुए) इससे जुड़े जोखिमों को ध्यानपूर्वक समझ लें. निवेश का लॉक-इन पीरियड 5 साल का है. कोई जरूरी नहीं है कि राजनीतिक कंपनियां ‘रिटर्न’ के जो वादे कर रही हैं, वो सही हो.