फोर्स और हैप्पी लैंडिंग के बीच अटकी रहीं सांसें, कैलास मानसरोवर से लौटकर नहीं मानता बावरा मन

ईश्वर को देखने के लिए मरना होता है. जो इस काया के साथ देखते हैं, सिद्ध होते हैं. न हम सिद्ध थे, न मरे. फिर भी अहसास किया. अगर इस अहसास का आपको सहभागी बना पाया तो यह मेरा पुण्य, नहीं बना पाया तो मेरी असफलता. लौटने के बाद भी...