टेक्नोलॉजी को सलाम! इस होटल में आपके लिए बस रोबो स्टाफ

नयी दिल्ली आपसे अलीबाबा ग्रुप के बारे में पूछा जाए तो आप कहेंगे, अलीबाबा एक चाइनीज कंपनी है, जो शॉपिंग सर्च इंजन की तरह काम करती है. अलीबाबा अपनी शॉपिंग वेबसाइट और क्लाउड सर्विस के लिए जानी जाती है. मगर बस इतना ही नहीं है, अलीबाबा ने टेक्नोलॉजी के दौर में एक नया कदम रखा […]

नयी दिल्ली
आपसे अलीबाबा ग्रुप के बारे में पूछा जाए तो आप कहेंगे, अलीबाबा एक चाइनीज कंपनी है, जो शॉपिंग सर्च इंजन की तरह काम करती है. अलीबाबा अपनी शॉपिंग वेबसाइट और क्लाउड सर्विस के लिए जानी जाती है. मगर बस इतना ही नहीं है, अलीबाबा ने टेक्नोलॉजी के दौर में एक नया कदम रखा है. हाल ही में इस कंपनी ने रोबो सर्विस वाले होटल रूम की शुरुआत कर दी है.

Robo-rooms, टेक्नोलॉजी को सलाम! इस होटल में आपके लिए बस रोबो स्टाफ
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होटल का नाम फ्लाईजू रखा गया है. यहां कुल 290 कमरे ऐसे बनाए गए हैं, जिनमें एक से बढ़कर एक लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का भरपूर इस्तेमाल किया गया है. इस होटल में एक रात काटने का खर्चा 1390 युआन मतलब लगभग 14-15 हजार रुपये होगा.
ये होगा ख़ास
• चेक-इन के लिए फेस स्कैन टेकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके अलावा जिन लोगों के पास चाइनीज आईडी कार्ड है, वो अपने स्मार्टफोन के जरिए भी फेस स्कैन कर सकते हैं.
• एलीवेटर पर लगे स्कैनर, मेहमानों के चेहरे देखकर इस बात का पता लगा सकेंगे कि उन्हें किस फ्लोर पर जाना है. साथ ही कमरों के बाहर भी एक स्कैन डिवाइस होगी और गेस्ट फेस स्कैन के बाद ही कमरे के दरवाजे खुल सकेंगे.
• होटल के कमरे अलेक्सा की तरह ही दूसरी वॉइस कमांड टेक्नोलॉजी से लैस होंगे. यानी कि रूम टेम्परेचर मेंटेन करना, पर्दे खोलना-बंद करना, लाइटिंग अडजस्ट करना और रूम सर्विस ऑर्डर करने जैसे काम सिर्फ बोलकर ही किए जा सकते हैं.
• रूम सर्विस के लिए इंसानों की बजाय रोबोट से काम लिया जाएगा.
• होटल के रेस्टोरेंट में फ्लाईजू के एप द्वारा खाना ऑर्डर किया जा सकेगा और खाने की डिलीवरी रोबोट करेंगे. होटल में अलग से एक बार भी बनाया गया है, यहां इस्तेमाल की जा रही रोबोटिक आर्म 20 अलग तरह के कॉकटेल बनाने में माहिर हैं.
• चेक आउट का काम फ्लाईजू एप में मौजूद एक बटन दबाने भर से हो जाएगा और पेमेंट अलीबाबा के वॉलेट से की जा सकेगी. जैसे ही गेस्ट एप में चेक आउट करके बाहर आएंगे, रूम अपने आप लॉक हो जाएगा. इसके साथ ही गेस्ट का फेस डाटा भी एप से डिलीट हो जाएगा.
रोबो रूम ही क्यों?
अलीबाबा की सीईओ एंडी वांग के मुताबिक इंसानों की तरह मशीनों और रोबोट्स के मूड स्विंग नहीं होते हैं, न ही ये काम करने से थकते हैं. वहीं रोबो से काम लेना मेहमानों के लिए भी आसान और सेफ होता है. मशीनों के लिए पेमेंट भी वन टाइम की होती है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर अलीबाबा ने इस होटल में रोबो और एआई से लैस टेकनीक का यूज किया है.