Alert: एंड्राइड फोन पर सेंध लगा रहा CallerSpy वायरस, हर पल का स्क्रीनशॉट कर रहा सेव

ये वायरस प्रोग्राम फेक फाइल या एप के बहाने से आपके फोन में इंस्टाल होता है, जिसे हैकर्स ने वायरस प्रोग्राम को फिशिंग प्लेटफ़ॉर्म में अपलोड किया है.

अगर आप एंड्राइड मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अलर्ट हो जाएं! एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम में एक नए स्पाइवेयर का पता चला है, जिसका नाम CallerSpy है. रिसर्च के मुताबिक ये स्पाइवेयर यूजर्स का पर्सनल डाटा चुराता है और यूजर के फोन की स्क्रीन का स्क्रीनशॉट ले लेता है.

TrendMicro की रिसर्च के मुताबिक CallerSpy नाम का ये स्पाइवेयर यूजर को बिना पता चले उसके फोन में हो रहे हर एक्शन का स्क्रीनशॉट लेकर सेव कर लेता है.

दरअसल एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम के नए-नए अपडेट के साथ ही कई मालवेयर और वायरस से जुड़े मामले भी सामने आते रहते हैं और इस बार CallerSpy स्पाइवेयर लोगों के स्मार्टफोन को नुकसान पहुंचा रहा है.

फिशिंग प्लेटफ़ॉर्म बना सोर्स

ये स्पाइवेयर फिशिंग वेबसाइट्स पर मौजूद चैट एप के जरिए यूजर के फोन पर अटैक कर रहा है. ये खतरनाक वायरस apk फाइल की मदद से यूजर के स्मार्टफोन में गलती से डाउनलोड किया जा रहा है. हालांकि प्ले स्टोर से डाउनलोड किए गए एप इस स्पाइवेयर से सेफ हैं.

कुल मिलाकर ये वायरस प्रोग्राम फेक फाइल या एप के बहाने से आपके फोन में इंस्टाल होता है, जिसे हैकर्स ने वायरस प्रोग्राम को फिशिंग प्लेटफ़ॉर्म में अपलोड किया है. यूजर इस प्रोग्राम पर क्लिक करे इसके लिए हैकर इन प्रोग्राम्स को लालच पैदा करने वाले मैसेज के साथ वायरल करते हैं, जैसे- पैसे जीतो, एक्ट्रेस की हॉट फोटो देखो या कुछ और…

इसके बाद जैसे ही यूजर हैकर के झांसे में आकर इन वायरस प्रोग्राम्स पर क्लिक करता है, यूजर के स्मार्टफोन में स्पाइवेयर इंस्टाल हो जाता है और यूजर का पर्सनल डाटा चुराने लगता है.

बचने के लिए अपनाएं ये तरीका

अगर आप कोई भी एप डाउनलोड करने की सोच रहे हैं तो उसे सिर्फ प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें. प्ले स्टोर के अलावा किसी दूसरे सोर्स से एप डाउनलोड करना खतरनाक हो सकता है. इसके साथ ही वाट्सएप या कसी दूसरे मैसेंजर पर आई किसी भी अननोन फाइल पर क्लिक करने से बचें.

Related Posts