सोशल मीडिया में एक्टिव रहने वाले इस बच्ची की मौत से सबक लें

Share this on WhatsAppनयी दिल्ली एक चौदह साल की बच्ची, रोज की तरह स्कूल जाती है. स्कूल से आकर अपना होमवर्क पूरा करती है, अगले दिन स्कूल जाने के लिए अपना बैग तैयार करती है और कुछ घंटों बाद सुसाइड कर लेती है. बच्ची का नाम मौली, पिता का नाम इआन रसल है. लड़की सुसाइड […]

नयी दिल्ली
एक चौदह साल की बच्ची, रोज की तरह स्कूल जाती है. स्कूल से आकर अपना होमवर्क पूरा करती है, अगले दिन स्कूल जाने के लिए अपना बैग तैयार करती है और कुछ घंटों बाद सुसाइड कर लेती है. बच्ची का नाम मौली, पिता का नाम इआन रसल है. लड़की सुसाइड नोट में लिखती है कि यह सब वो अपनी मर्जी से कर रही है.

वैसे तो यह बात 2017 की है, लेकिन चर्चा में अभी आई है. कारण लड़की के पिता का इन्स्टाग्राम पर लगाया गया आरोप है. इआन रसल के हिसाब से उनकी बेटी की जान इन्स्टाग्राम पर देखी जा रही सेंटीमेंटल पोस्ट की वजह से हुई है. इआन कहते हैं कि कुछ समय पहले ही उन्हें अपनी बेटी की इन्स्टा प्रोफाइल की जानकारी हुई, पता चला कि वो एक ऐसे अकाउंट को फॉलो कर रही थी जिसमें डिप्रेसिंग, खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी फोटो पोस्ट की जा रही थीं.

लड़की के पिता का कहना है कि बिना किसी ऐज रिस्ट्रिक्शन के इन्स्टाग्राम अपने यूजर्स को कुछ भी दिखा रहा है. यही हाल दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी है. #Suicide जैसे कीवर्ड सर्च करने पर ढेरों रिजल्ट्स आपके सामने होते हैं, जबकि ऐसा कोई भी शब्द किसी भी प्लेटफार्म में आसानी से दिखना सही नहीं है.
यहां पर सिर्फ इन्स्टाग्राम दोषी नहीं है, इआन रसल की गलती भी बराबर की है. कारण ये हैं –

• 14 साल की बच्ची को मोबाइल फोन दिया ठीक है, मगर फोन देकर भूल गए, यहां पर गलती की.
• आपकी लड़की एक फोटो देखकर तो सुसाइड करने नहीं गई होगी. उसके हाव-भाव, रहन-सहन में कुछ तो बदला होगा. आपने इग्नोर किया या फिर ध्यान नहीं दिया, यहां पर गलती की.
• आप चाइल्ड सेफ्टी के ढेरों आर्टिकल पढ़ते हैं, फिर भी अमल नहीं कर पाए.
• आपकी बच्ची तो टीनएजर थी, जरूरी नहीं कि सब समझे. आपने नहीं समझाया.

सोशल मीडिया में एक्टिव होने के मामले में इंडिया दूसरे नंबर पर है. सबसे ज्यादा यूजर्स हैं 13 से 25 साल के बीच के लोग. आप किसी भी एज ग्रुप के हों इस बात पर गौर करना जरूरी है. ऐसा कोई कंटेंट न खुद देखें, न किसी को देखने दें.