Google ने चार को निकाला, कंसल्टिंग फर्म की मदद से कंपनी दबाएगी कर्मचारियों की आवाज

गूगल के कर्मचारी कई मसलों पर कंपनी का विरोध कर रहे हैं. इनमें सेना के साथ जुड़ाव, चीन में सेंसर्ड सर्च सर्विस शुरू करने और सेक्‍सुअल हरासमेंट के आरोपी एक्‍जीक्‍यूटिव्‍स पर नरमी प्रमुख हैं.

Google अपने कर्मचारियों की आवाज दबाना चाहती है. ऐसा ना करने वालों को बाहर का रास्‍ता दिखाया जा रहा है. ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने चार कर्मचारियों को निकाला है. एक ईमेल भेजकर फैसले की जानकारी दी गई है. इन कर्मचारियों को डेटा सिक्‍योरिटी पॉलिसीज तोड़ने का दोषी बताया गया है. पिछले हफ्ते ही पता चला था कि गूगल ने ऐसी कंसल्टिंग फर्म को हायर किया है जो कर्मचारियों के मतभेद जताने पर उनके खिलाफ एक्‍शन लेने में मदद करती है.

गूगल के कुछ कर्मचारी लंबे समय से कंपनी का कई मसलों पर विरोध कर रहे हैं. इनमें सेना के साथ गूगल के जुड़ाव, चीन में सेंसर्ड सर्च सर्विस शुरू करने और सेक्‍सुअल हरासमेंट के आरोपी एक्‍जीक्‍यूटिव्‍स पर नरमी प्रमुख हैं.

निकाले गए कर्मचारियों के कुछ साथियों ने कहा है कि उन्‍हें आवाज उठाने की सजा दी गई. कुछ वर्कर्स ने हाल ही में मैनेजमेंट के फैसलों को कटघरे में खड़ा किया था. उनका आरोप था कि कर्मचारियों के वेब ब्राउजर पर ट्रैकिंग टूल लगाया गया है. गूगल ने इससे साफ इनकार किया.

22 नवंबर को 200 से ज्यादा लोगों ने गूगल के सान फ्रांसिस्‍को ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया था. गूगल ने इसी साल कर्मचारियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की थीं. अब कर्मचारियों के ‘लेटेस्‍ट न्‍यूज स्‍टोरी या पॉलिटिक्‍स’ पर तीखी बहस करने पर रोक है. स‍बको जिम्‍मेदार रहने की हिदायत दी गई. उनसे कहा गया कि “वह जो कुछ भी कहेंगे, उसके जिम्‍मेदार खुद होंगे.”

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