2019 के चुनाव में गूगल के सारथी बनेंगे इंडियन जर्नलिस्ट

नई दिल्ली: देश में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, तमाम विरोधी पार्टियां एक दूसरे को ट्रोल करने में जुट गई हैं. इसके साथ ही अलग-अलग पार्टियों को सपोर्ट करने वाले लोग भी आपस में बहसबाजी कर रहे हैं. ये सब चल रहा है ऑनलाइन दुनिया में जिसमें फेसबुक, यू-ट्यूब, ट्विटर शामिल हैं. ट्रोल करने […]

नई दिल्ली: देश में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, तमाम विरोधी पार्टियां एक दूसरे को ट्रोल करने में जुट गई हैं. इसके साथ ही अलग-अलग पार्टियों को सपोर्ट करने वाले लोग भी आपस में बहसबाजी कर रहे हैं. ये सब चल रहा है ऑनलाइन दुनिया में जिसमें फेसबुक, यू-ट्यूब, ट्विटर शामिल हैं. ट्रोल करने के चक्कर में लोग फेक न्यूज फैला रहे हैं.

इस बार के चुनावों में गूगल ने फेक न्यूज के बढ़ते दौर पे लगाम कसने की ठान ली है. गूगल इस काम के लिए इंडियन जर्नलिस्ट की मदद लेगा. गूगल न्यूज की इस पहल में जर्नलिस्ट को इलेक्शन कवरेज और पोल चेक के लिए के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके साथ ही फेक न्यूज को कैसे चेक करें ये भी बताया जाएगा.

बता दें कि इस ट्रेनिंग की बागडोर गूगल न्यूज इनिशिएटिव इंडिया के हाथ में होगी. इसके लिए ट्रेनिंग 26 फरवरी से शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेगी. ट्रेनिंग शहर के 30 शहरों में अलग-अलग भाषाओं में दी जाएगी जिनमें इंग्लिश, हिंदी, मलयालम, बांग्ला, कन्नड़, गुजराती और उड़िया शामिल हैं. इस ट्रेनिंग में फैक्ट चेकिंग,ऑनलाइन वेरिफिकेशन और साइबर सिक्योरिटी जैसे टॉपिक पर खास जोर दिया जाएगा. साथ ही जर्नलिस्ट को यह भी सिखाया जाएगा कि वो इलेक्शन के लिए यू-ट्यूब का सही इस्तेमाल कैसे करें. गूगल की तरफ से दी जा रही यह टर्निंग पूरी तरह से फ्री ऑफ कॉस्ट है.

गूगल की इस ट्रेनिंग के लिए जोड़े गए 30 शहरों की डिटेल ये रही-

google-is-helping-indian-journalists-in-covering-upcoming-elections, 2019 के चुनाव में गूगल के सारथी बनेंगे इंडियन जर्नलिस्ट

गूगल न्यूज के लैब लीड ‘इरीन जे लियू’ के मुताबिक 2016 से अब तक लगभग 13,000 लोगों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है. इन आंकड़ों में 200+ न्यूजरूम और 40 शहर शामिल हैं.