Google को Quantum Supremacy में मिली बड़ी कामयाबी, सुपर कंप्यूटर को देगी मात

जिस कैल्कुलेशन को दुनिया का सबसे फास्ट सुपर कंप्यूटर 10,000 साल में कर सकता है, Quantum Supremacy ने उसे सिर्फ 200 सेकंड्स में कर दिखाया है.
Quantum Supremacy, Google को Quantum Supremacy में मिली बड़ी कामयाबी, सुपर कंप्यूटर को देगी मात

Google ने Quantum Supremacy हासिल कर ली है. कंपनी के CEO सुंदर पिचई ने ट्वीट कर इस बात की खुशी जताई है.कुछ समय पहले Google का क्वॉन्टम सुपरमेसी से जुड़ा पेपर इंटरनेट पर लीक हुआ था तब से ही कंपनी सुर्खियों में है.

Google ने पॉपुलर साइंटिफिक जर्नल Nature में पब्लिश एक आर्टिकल के मुताबिक Quantum Supremacy से ट्रेडिशनल कंप्यूटिंग पूरी तरह से बदल सकती है. इसपर पिछले दो दशक से काम किया जा रहा था और अब जाकर गूगल को इसमें कामयाबी मिली है.

Quantum Supremacy को भले ही अभी यूज न किया जाए मगर फ्यूचर में इससे कंप्यूटिंग के तरीकों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. ट्रेडिशनल कंप्यूटिंग में जहां बाइनरी डिजिट यानि 0 और 1 का इस्तेमाल किया जाता है, Quantum Supremacy ये अलग होगा.

गूगल के मुताबिक वो कैल्कुलेशन जो दुनिया का सबसे फास्ट सुपर कंप्यूटर 10,000 साल में कर सकता है, 54-qubit Sycamore प्रोसेसर ने उसे सिर्फ 200 सेकंड्स में कर दिया है. इस माइलस्टोन अचीवमेंट के लिए कंपनी ने कड़ी मेहनत की है, 1980 से ही साइटिंस्ट इस पर काम कर रहे थे.

गूगल का दावा है कि Quantum Supremacy ट्रेडिशनल सुपर कंप्यूटर से काफी तेज है. हालांकि ने गूगल के इस दावे को गलत ठहराने की कोशिश की है. IBM ने कहा, ऐसा नहीं है कि इस खास तरह के कैलकुलेशन के लिए सुपर कंप्यूटर को 10000 साल ही लगेंगे. सुपर कंप्यूटर इस टास्क को 2.5 दिन में परफॉर्म कर सकते हैं.

सुंदर पिचाई ने ट्वीट कर कहा है, ‘Quantum Computing भविष्य में क्या कर सकता है, इससे उत्साहित हूं. यह हमें एक नई भाषा बोलने का तरीका देता है, जिससे दुनिया को कहीं बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा.

बता दें कि एक साधारण कंप्यूटर्स में इनफॉर्मेशन bits के फॉर्म में स्टोर होते हैं. बिट्स की वैल्यू 0 या 1 होती है. quantum सिस्टम इससे अलग है. यहां इनफॉर्मेशन bit की बजाय quantum bit यानी qubit में स्टोर होती है. वहीं 0 और 1 बराबर होते हैं और एक साथ आ सकते हैं.

Quantum Supermacy क्या है?

Quantum Supermacy एक तरह की कैपेसिटी है जो ट्रेडिशनल कंप्यूटर्स के मुकाबले आसानी से प्रॉब्लम्स को सॉल्व कर सकती है कई बार वो भी जो ट्रेडिशनल कंप्यूटर के बस की नहीं है. मुश्किल से मुश्किल चीजों को क्वांटम सुपरमेसी के जरिए हाल किया जा सकता है. क्वांटम कंप्यूटर्स देखने में नॉर्मल कंप्यूटर की तरह नहीं होते बल्कि अलग-अलग पार्ट्स में होते हैं. जिन्हें सर्वर रूम में रखते हैं.

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