सेल्‍फी लेने के शौकीन हैं तो पढ़ लें ये ख़बर, कर लेंगे तौबा

स्‍मार्टफोन सेल्‍फी की फ्लैश आपको रिंकल्‍स (झुर्रियां) दे सकती हैं. अधिकतर मोबाइल्‍स में LED फ्लैशेज का इस्‍तेमाल होता है.

अगर आप सेल्‍फी लेने के शौकीन हैं तो शायद रिसर्चर्स की यह बात आपको पसंद न आए. एक नई रिसर्च ये कहती है कि स्‍मार्टफोन सेल्‍फी की फ्लैश आपको रिंकल्‍स (झुर्रियां) दे सकती हैं. शिराज यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के रिसर्चर्स ने पता लगाया है कि LEDs की फ्लैशेज त्‍वचा की खुद को रिपेयर करने की काबिलियत पर असर डालती हैं. उम्र जल्‍दी ढलने लगती है. अधिकतर स्‍मार्टफोन्‍स में LED फ्लैशेज का इस्‍तेमाल होता है.

अब रिसर्चर्स स्‍मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों से कह रहे हैं कि LEDs के मुकाबले जीनॉन (Xenon) का यूज किया जाए. डॉ. नजमे अर्जमंदी ने इस रिसर्च को लीड किया. उनका कहना है कि “सेल्‍फी फ्लैशेज के विजिबल लाइट स्‍पेक्‍ट्रम के संपर्क में बार-बार आने से स्किन डैमेज हो सकती है और त्‍वचा बूढ़ी होने लगती है.”

क्‍यों खतरनाक हैं सेल्‍फी फ्लैश

डॉ. अर्जमंदी ने कहा कि Xenon के मुकाबले LEDs के कई फायदे हैं, मगर LEDs की पीक स्‍पेक्‍ट्रल इंटेंसिटी ब्‍लू रीजन में आती है. अभी का डेटा ये दिखाता है कि ब्‍लू लाइट के संपर्क में आने से इंसानी आंखों और त्‍वचा को कई स्‍तर पर नुकसान हो सकता है.

रिसर्च इस बात पर थी कि सेल्‍फी फ्लैशेज का स्किन पर क्‍या असर होता है. उन्‍हें पता चला कि इनसे निकलने वाली अल्‍टावॉयलेट किरणें स्किन सेल्‍स के मॉलिक्‍यूल्‍स को डैमेज करती हैं और रिंकल्‍स पैदा करती हैं.

ये भी पढ़ें

Twitter बनाने वाले जैक डॉर्सी का अकाउंट ही हो गया हैक

Google के इस इंजीनियर ने चुराया कंपनी का टॉप सीक्रेट, 17.5 करोड़ देकर मिली बेल