सर्वे में हुआ खुलासा, 80 प्रतिशत युवा TikTok पर चाहते हैं बैन

पिछले सप्ताह मद्रास ने इस दलील के साथ केंद्र सरकार से इस ऐप को प्रतिबंधित करने की सलाह दी थी कि इससे युवाओं में अश्लीलता बढ़ रही है.
TiKTok survey, सर्वे में हुआ खुलासा, 80 प्रतिशत युवा TikTok पर चाहते हैं बैन

नई दिल्ली: न्यूज ऐप Inshorts के एक सर्वेक्षण के अनुसार देश के 80 प्रतिशत युवा विवादित चीनी वीडियो ऐप TikTok पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में हैं. पिछले सप्ताह मद्रास उच्च न्यायालय ने इस दलील के साथ केंद्र सरकार से इस ऐप को प्रतिबंधित करने की सलाह दी थी कि इससे युवाओं में अश्लीलता बढ़ रही है.

अनुचित कंटेंट करा रही है उपलब्ध

न्यायालय के अनुसार TikTok की मालिक एक चीनी टेक कंपनी बाईटडांस है, जो युवाओं को अनुचित कंटेंट उपलब्ध करा रही है. ऐसे में केंद्र सरकार का यह कर्तव्य है कि वह इस पर रोक लगाए. वहीं, TikTok के अधिकारियों का कहना है कि ऐप सभी स्थानीय नियम व कानूनों को मानने के प्रति प्रतिबद्ध है. कंपनी के अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2011 का पूरी तरह से पालन किया है. फिलहाल वे मद्रास उच्च न्यायालय के आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद वे इसकी समीक्षा करेंगे.

18-35 आयुवर्ग पर किया गया सर्वे

कुछ बड़े शहरों में किए गए सर्वेक्षण में 18 से 35 आयुवर्ग के करीब 30 हजार लोगों से पूछा गया कि क्या वे चाहते हैं कि भारत में TikTok पर प्रतिबंध लगना चाहिए? इसके जवाब में अस्सी फीसदी प्रतिभागियों ने ‘हां’ में और 20 प्रतिशत लोगों ने ‘नहीं’ में जवाब दिया. बीते सप्ताह, न्यायमूर्ति एन. किरुबकरन और न्यायमूर्ति एस.एस. सुंदर की पीठ ने इस मोबाइल एप के डाउनलोड पर पाबंदी लगाने के संबंध में सरकार को दिशानिर्देश देते हुए एक अंतरिम आदेश दिया था. इसके साथ ही न्यायालय ने मीडिया को इस एप के जरिए बने वीडियो का प्रसारण नहीं करने का भी आदेश दिया था.

मद्रास हाईकोर्ट ने बैन करने का दिया था आदेश

बता दें कि कुछ समय पहले ही मद्रास हाईकोर्ट को बैन करने का आदेश जारी करने के साथ केंद्र सरकार से पूछा था, कि क्या वह ऐसा कोई कानून लाएगी, जैसा कि अमेरिका की सरकार बच्चों को साइबर क्राइम का शिकार बनने से बचाने के लिए चिल्ड्रेन्स ऑनलाइन प्रिवेसी प्रोटेक्शन ऐक्ट के तहत लाई है.

क्या है TikTok ऐप?

TikTok एक चायनीज एप है, जो वीडियो पोस्ट के लिए इस्तेमाल होता है. साल 2018 से यह एप लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है. बतौर यूजर टीन एज के लोग इसमें ज्यादा हैं. प्राइवेसी पर ध्यान दिए बगैर ये यूजर धड़ल्ले से वीडियो पोस्ट करते हैं. कई बार फनी दिखने के चक्कर में लोग अपनी ही संस्कृति का मजाक बना बैठते हैं. इस ऐप से जुड़े कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिसमें लोगों की जान गई है. दरअसल होता यूं है कि लोग इस एप के जरिए वीडियो बनाते हैं, और कूल डूड बनने चल देते हैं, या फिर स्टंट दिखाने लगते हैं. इसी के चलते अपना नुकसान कर बैठते हैं.

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