एप पर पहचान छिपाकर पति-पत्नी तलाश रहे हैं ‘वो’

ग्लीडन ऐप कंपनी को भारत आए कुछ ही समय हुआ है लेकिन लगभग 6 लाख भारतीय एप हमारे एप का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं 25 प्रतिशत यूजर एप पर रोजाना एक्टिव होते हैं.

नई दिल्ली: आजकल प्ले स्टोर्स पर ग्लीडन, ओके क्यूपिड, बंबल जैसे ढेरों डेटिंग एप्स मौजूद हैं. इन डेटिंग एप का चलन कुछ यूं है कि लोग झूठी प्रोफाइल के जरिए इसका लुत्फ उठा रहे हैं. इसमें शादीशुदा लोग टॉप पर हैं. ज्यादातर शादीशुदा लोग फेक प्रोफाइल बनाकर अपने पार्टनर को धोखा दे रहे हैं.

ऐसे ही किसी डेटिंग एप का इस्तेमाल कर रही महिला यूजर का कहना है, “मेरी शादी को दस साल हो चुके हैं. कुछ समय से मेरी जिंदगी डेली रूटीन फॉलो करते-करते काफी बोरिंग हो गई थी. इसलिए मैंने डेटिंग ऐप टिंडर में पहचान छिपाकर अपना अकाउंट बनाया. मैंने प्रोफाइल में खुद को सिंगल बताया. इस एप के जरिए मैं अब तक 10 लोगों से मिल चुकी हूं. इसमें बहुत मजा आता है. मुझे नहीं लगता कि इसमें कुछ भी गलत है.”

इस मामले में ग्लीडन ऐप की मार्केटिंग स्पेशलिस्ट सोलेन पायलट का कहना है, “कंपनी को भारत आए कुछ ही समय हुआ है लेकिन लगभग 6 लाख भारतीय एप हमारे एप का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं 25 प्रतिशत यूजर एप पर रोजाना एक्टिव होते हैं.”

सोलेन बताती हैं, ‘भारत में शादीशुदा लोगों का बेवफाई करना गंभीर मुद्दा रहा है. लोग आज भी इसे टैबू मानकर बातचीत से बचते हैं. बावजूद इसके लोग चोरी-छिपे एप का इस्तेमाल कर रहे हैं. अडल्टरी कानून (अगर कोई शादीशुदा महिला किसी गैर-मर्द से संबंध बनाती है, तो पति उस गैर-मर्द के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं करा सकता) के असंवैधानिक घोषित होने के बाद एप यूजर्स की संख्या 45 प्रतिशत बढ़ी है.’

ट्रूली मैडली डेटिंग ऐप के सीईओ स्नेहिल के मुताबिक, हमारा एप सिफर सिंगल लोगों के लिए है लेकिन लोग झूठी जानकारी देकर प्रोफाइल बनाते हैं. सिक्योरिटी रीजन के चलते हम लगभग 20 प्रतिशत मैरिड लोगों की प्रोफाइल ब्लॉक कर चुके हैं.’

स्नेहिल बताया कि, ‘एक शादीशुदा यूजर का प्रोफाइल ब्लॉक किए जाने पर वो हमारे गुडगांव स्थित ऑफिस तक पहुंच गया. उसने हमसे अपना अकाउंट दोबारा खोलने की जिद की. उसने बताया कि उसकी शादी अच्छी नहीं चल रही और वो डिवोर्स ले रहा है. अब वो डेटिंग एप में जिस लड़की से बात कर रहा था, उससे कांटेक्ट न हो पाने की वजह से बैचैन है. इसलिए उसका अकाउंट दोबारा एक्टिवेट किया जाए.’ 

एक यूजर ने बताया कि, ‘जब दो साल पहले पति का ट्रांसफर मुंबई हुआ तो नए शहर में मैं पति के अलावा किसी नहीं जानती थी. इस दौरान मैंने टाइमपास के लिए डेटिंग एप में प्रोफाइल बनाया लेकिन अब मुझे इसकी लत लग चुकी है. पिछले तीन महीने से मैं सीरियस रिलेशनशिप में हूं. हम दोनों ही शादीशुदा हैं और हम कभी अपने पार्टनर्स का जिक्र नहीं करते हैं.