SC में दायर याचिका के बाद Zoom ने कहा- यूजर की प्राइवेसी और भरोसा हमारे लिए जरूरी

SC में दायर याचिका में कहा गया है कि इस ऐप (Zoom App) के लगातार इस्तेमाल से राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है. यह तरह-तरह के साइबर अपराधों को भी बढ़ावा दे सकता है.
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दुनियाभर के कई देशों में लॉकडाउन (Lockdown) किया गया है और लोगों को घरों में ही रहने को कहा जा रहा है. ऐसे में काफी लोग वीडियो कॉल और वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए Zoom एप का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस ऐप ने लोकप्रियता के मामले में टिकटॉक, वाट्सएप को भी पीछे छोड़ दिया. वहीं हाल के दिनों में Zoom ऐप विवादों में भी रहा है. प्राइवेसी के खतरों को लेकर ऐप पर सवाल उठे हैं. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी एप पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली जनहित याचिका पर शुक्रवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है.

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इस मामले को लेकर जूम के स्पोकपर्सन ने कहा, “जूम यूजर्स की प्राइवेसी, सिक्योरिटी और भरोसे को गंभीरता से लेता है. अप्रैल की शुरुआत में की घोषणा के बाद हमने 90 दिन की प्लानिंग के तहत यूजर्स की सिक्योरिटी और प्राइवेसी बढ़ाने पर फोकस किया है. जूम एक अमेरिकी कंपनी है और एक दशक के करीब हम दुनिया की कुछ सबसे बड़ी वित्तीय सेवा कंपनियों, लीडिंग टेलीकम्यूनिकेशन प्रोवाइडर्स, सरकारी एजेंसियों, विश्वविद्यालयों और दूसरे लोगों को सुरक्षित और सिक्योर तरीके से जुड़े रहने में मदद कर रहे हैं. इन संस्थाओं में से कई ने हमारे यूजर्स, नेटवर्क और डेटा सेंटर लेयर्स की सिक्योरिटी की पूरी तरह से समीक्षा की है और इसके बाद जूम पर भरोसा जताया है.

स्पोकपर्सन ने आगे कहा कि भारत में इस चुनौती भरे समय में हमें व्यवसायों, सरकारी एजेंसियों, कम्यूनिटी, स्कूल टीचर्स और दूसरे यूजर्स को जोड़े रहने के लिए मदद करने पर हमें गर्व है.

ऐप पर बैन लगाने की मांग 

SC में दायर याचिका में निजता (प्राइवेसी) के अधिकार का हवाला देते हुए कोर्ट से आग्रह किया गया था कि वह केंद्र को इस ऐप पर तब तक प्रतिबंध लगाने का निर्देश दे, जब तक कि कोई उचित कानून नहीं बन जाता. इसके बाद मुख्य न्यायाधीश (CJI) एसए बोबड़े (SA Bobde) कि अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मसले पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार (Central Government) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता दिल्ली निवासी हर्ष चुघ के वकील ने कहा कि जूम ऐप के लगातार इस्तेमाल से साइबर अपराध (Cyber Crime) का खतरा है. इसलिए इसके इस्तेमाल के संबंध में विस्तृत तकनीकी अध्ययन कराने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए, ताकि इससे पैदा होने वाले सुरक्षा और गोपनीयता के खतरों का पता चल सके.

याचिका में यह भी कहा गया है कि इस ऐप के लगातार इस्तेमाल से राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है. यह तरह-तरह के साइबर अपराधों को भी बढ़ावा दे सकता है.

Zoombombing का शिकार हुआ ऐप

जूम ऐप हाल ही में Zoombombing का शिकार हुआ है. Zoombombing उस एक्टिविटी को कहते हैं जब अचानक से वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित किया जाने लगता है. जैसे कि हेट स्पीच या पॉर्न वीडियो. एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि जूम ऐप फेसबुक को यूजर्स का डाटा भेज रहा है, खासकर उन यूजर्स के जो फेसबुक इस्तेमाल नहीं करते. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि जूम ऐप का इस्तेमाल कर रहे एपल के मैकबुक यूजर्स के कैमरे को हैकर एक्टिवेट कर सकते हैं.

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